Astro Tips: तुलसी माला पहनने के ये नियम और फायदे बताए गए हैं.
Astro Tips For Tulsi Mala: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे और तुलसी की माला दोनों का खास धार्मिक महत्व है. तुलसी का पौधा हर घर में जरूर होता है और नियमित रूप से तुलसी के पौधे की पूजा होती है. शास्त्रों में तुलसी को बहुत ही पवित्र और सकारात्मक प्रभाव वाला पौधा माना जाता है. हिंदू धर्म में जितना तुलसी के पौधे की पूजा का महत्व होता है उतना ही तुलसी की माला पहनना का भी होता है . इसके साथ ही इसकी माला पर जाप करना फलदायी होता है. जो लोग भगवान कृष्ण और भगवान विष्णु के उपासक होते हैं वे तुलसी की माला जरूर अपने गले में धारण करते हैं. ऐसी मान्यता है कि तुलसी की माला गले में पहनने से मन में शांति और आध्यात्मिक पवित्रता बनी रहती है. इसके अलावा ज्योतष में भी तुलसी की माला का विशेष महत्व बताया गया है. तुलसी की माला धारण करने से व्यक्ति की कुंडली में मौजूद बुध और गुरु दोनों ही ग्रह मजबूत होते हैं. ऐसे में जानते हैं कि तुलसी की माला पहनने और इससे जाप करने के नियम क्या-क्या हैं.
- वैसे तो तुलसी हमेशा शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भरी होती है लेकिन जब भी तुलसी की माला पहने उसे गंगाजल से शुद्ध करते हुए ही धारण करना चाहिए.
- तुलसी की माला पहनने से कुंडली में बुध और गुरु दोनों ही ग्रह मजबूत होते हैं.
- तुलसी की माला से भगवान विष्णु,माता लक्ष्मी और कान्हाजी की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
- तुलसी की माला पहनने वालों को हमेशा सात्विक भोजन की ग्रहण करना चाहिए.
- जो लोग गले में तुलसी की माला पहनते हैं उन्हें कभी भी इसे अपने शरीर से अलग नहीं करना चाहिए.
- जिस तुलसी की माला से आप जाप करें उसे कभी भी भूलकर न पहनें. पहनने और जाप करने वाली दो मालाएं हमेशा होनी चाहिए.
- तुलसी की माला को जाप करने के बाद उसे कपड़े (गोमुखी) में लपेटकर रख देना चाहिए.
- हमेशा जिस तुलसी माला का जाप करते है उसी का इस्तेमाल करना चाहिए किसी दूसरे की माला से जाप नहीं करनी चाहिए.
- तुलसी की माला में कम से कम 27 और अधिक से अधिक 108 मनके होना चाहिए.
तुलसी के माला दो तरह की होती हैं. एक श्यामा और दूसरी रामा तुलसी. इन्हीं दोनों से ही तुलसी की माला बनाई जाती है. श्यामा तुलसी की माला पहने से व्यक्ति को मानसिक शांति और मन में सकारात्मक ऊर्जा का भाव पैदा होता रहता है. श्मामा तुलसी की माला से आर्थिक फायदे के साथ भगवान की कृपा हासिल होती है. वहीं रामा तुलसी की माला से भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
तुलसी माला धारण करने के नियम
- वैसे तो तुलसी हमेशा शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भरी होती है लेकिन जब भी तुलसी की माला पहने उसे गंगाजल से शुद्ध करते हुए ही धारण करना चाहिए.
- तुलसी की माला पहनने से कुंडली में बुध और गुरु दोनों ही ग्रह मजबूत होते हैं.
- तुलसी की माला से भगवान विष्णु,माता लक्ष्मी और कान्हाजी की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
- तुलसी की माला पहनने वालों को हमेशा सात्विक भोजन की ग्रहण करना चाहिए.
- जो लोग गले में तुलसी की माला पहनते हैं उन्हें कभी भी इसे अपने शरीर से अलग नहीं करना चाहिए.
तुलसी की माला पर मंत्र जाप करने के नियम
- जिस तुलसी की माला से आप जाप करें उसे कभी भी भूलकर न पहनें. पहनने और जाप करने वाली दो मालाएं हमेशा होनी चाहिए.
- तुलसी की माला को जाप करने के बाद उसे कपड़े (गोमुखी) में लपेटकर रख देना चाहिए.
- हमेशा जिस तुलसी माला का जाप करते है उसी का इस्तेमाल करना चाहिए किसी दूसरे की माला से जाप नहीं करनी चाहिए.
- तुलसी की माला में कम से कम 27 और अधिक से अधिक 108 मनके होना चाहिए.
तुलसी माला के प्रकार
तुलसी के माला दो तरह की होती हैं. एक श्यामा और दूसरी रामा तुलसी. इन्हीं दोनों से ही तुलसी की माला बनाई जाती है. श्यामा तुलसी की माला पहने से व्यक्ति को मानसिक शांति और मन में सकारात्मक ऊर्जा का भाव पैदा होता रहता है. श्मामा तुलसी की माला से आर्थिक फायदे के साथ भगवान की कृपा हासिल होती है. वहीं रामा तुलसी की माला से भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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