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This Article is From Dec 08, 2023

अगहन के महीने को माना जाता है श्री कृष्ण का प्रिय, जानिए इस महीने का क्या है खास महत्व

Aghan Month 2023: हिंदू धर्म में भगवान श्री कृष्ण की पूजा अति उत्तम मानी जाती है, खासकर उनके प्रिय अगहन या मार्गशीर्ष महीने में पूजा-अर्चना की जाए तो इससे श्रीकृष्ण प्रसन्न हो जाते हैं. 

अगहन के महीने को माना जाता है श्री कृष्ण का प्रिय, जानिए इस महीने का क्या है खास महत्व
Aghan Month Significance: अगहन के महीने में श्रीकृष्ण का किया जाता है खास पूजन. 
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Aghan Month 2023: इस समय भगवान श्री कृष्ण का प्रिय मास यानी अगहन (Aghan) का महीना चल रहा है, जिसे मार्गशीर्ष महीना भी कहा जाता है. इसकी शुरुआत 28 नवंबर से हो गई है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार नौवां महीना अगहन मास (Aghan Maas) कहलाता है. कार्तिक के बाद इस महीने को हिंदू धर्म का दूसरा सबसे पवित्र महीना माना जाता है. इस महीने में भगवान श्री कृष्ण (Lord Krishna) और विष्णु भगवान की पूजा अर्चना की जाती है. जानिए अगहन का महीना कबतक चलेगा, इस महीने का धार्मिक महत्व क्या है और इस महीने में हमें क्या करना चाहिए. 

अगहन महीने का महत्व 

जैसा कि हमने बताया कि अगहन महीने की शुरुआत 28 नवंबर 2023 से हो चुकी है और ये 26 दिसंबर 2023 तक रहेगा. कहते हैं कि इसी पवित्र महीने में देवी पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था और राम और सीता का विवाह भी अगहन मास में ही हुआ था. इतना ही नहीं भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान भी इसी महीने में दिया था. वृंदावन के बांके बिहारी भी इसी महीने में प्रकट हुए थे और कश्यप ऋषि ने मार्गशीर्ष महीने में ही कश्मीर बसाया था. मान्यतानुसार इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा है और श्री कृष्ण के साथ ही शंख की पूजा भी की जाती है. खासकर इस महीने की अष्टमी पर विशेष पूजा की जाती है, श्री राम और माता सीता का विवाह, दत्तात्रेय प्राकट्य और गीता जयंती (Geeta Jayanti) जैसे दिन व्रत किए जाते हैं.

अगहन महीने को मांगलिक कार्य और शादी के हिसाब से काफी शुभ माना जाता है. ऐसे में इस माह में ढेर सारे विवाह होते हैं. कार्तिक मास के बाद आने वाले महीने को ही अगहन माह कहा जाता है. इस महीने को मार्गशीर्ष (Margshirsha) भी कहते हैं. दरअसल, इस महीने का संबंध मृगशिरा नक्षत्र से है, इसी महीने की पूर्णिमा मृगशिरा नक्षत्र से युक्त होती है. इसी कारण इसे मार्गशीर्ष मास भी कहा जाता है. इस महीने में भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना करने के अलावा चंद्रमा दोष से छुटकारा पाने के लिए विशेष पूजा की जा सकती है. शंख की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसमें मां लक्ष्मी का वास होता है और भगवान विष्णु इसे धारण करते हैं. इस मास में तीर्थ स्थान में जाकर स्नान करने से भी बहुत शुभ फल मिलते हैं. इस माह में हर दिन कृं कृष्णाय नमः मंत्र का जाप 108 बार करना शुभ माना जाता है. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.) 

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