मौसम की मार से प्रभावित किसानों को राहत! बिहार के CM ने दिए फसल नुकसान के तुरंत सर्वेक्षण के निर्देश

मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है. विशेष रूप से खेतों में कार्य करने वाले किसानों, निर्माण कार्य में लगे मजदूरों तथा यात्रा कर रहे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है

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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कृषि विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग को राज्य के कई जिलों में अचानक आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों तथा पेड़ों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण कराने के शुक्रवार को निर्देश दिए ताकि प्रभावित किसानों को समुचित राहत उपलब्ध कराई जा सके. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा कि किसानों की फसलों और पेड़ों पर लगे फलों को हुए नुकसान को लेकर राज्य सरकार गंभीर है. उन्होंने संबंधित विभागों को नुकसान का आकलन कराने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित किसानों को सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर उचित राहत दी जाएगी.

इस बीच, मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के आधार पर आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य के कई जिलों में तेज आंधी आने, बादल गरजने, बिजली कड़कने और मध्यम बारिश की संभावना को देखते हुए ‘रेड अलर्ट' जारी किया है. विभाग द्वारा जारी पहले अलर्ट में भोजपुर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पटना, सारण और सिवान जिलों को ‘रेड अलर्ट' की श्रेणी में रखा गया है. इन जिलों में बादल गरजने, बिजली कड़कने, तेज हवाएं चलने और मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है.

दूसरे अलर्ट में गया, जहानाबाद, वैशाली, शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, नालंदा और पटना जिलों को ‘रेड अलर्ट' के दायरे में रखा गया है. इन जिलों में भी बादल गरजने, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बारिश की आशंका व्यक्त की गई है.

मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है. विशेष रूप से खेतों में कार्य करने वाले किसानों, निर्माण कार्य में लगे मजदूरों तथा यात्रा कर रहे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. विभाग ने कहा है कि बादल गरजने और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखें.

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