Zoho Founder Sridhar Vembu Letter: श्रीधर वेंबू ने सोशल मीडिया पर एक खुला खत लिखकर प्रवासियों से गुहार लगाई है कि, 'भारत माता को आपकी जरूरत है.' उनका मानना है कि भारत को अगर टेक्नोलॉजी की दुनिया का 'सुल्तान' बनाना है, तो विदेशों में बैठा हमारा ही टैलेंट हमारी सबसे बड़ी ताकत बनेगा. उन्होंने पुरानी यादों के झरोखे से बताया कि, कैसे वो खुद 37 साल पहले खाली जेब लेकिन अच्छी तालीम और संस्कारों के साथ अमेरिका गए थे...पर अब वक्त का पहिया घूम चुका है और देश को उनके लीडरशिप की दरकार है.
अमेरिका में बदलते हालात और कड़वा सच (NRIs Return to India Appeal)
- वेंबू ने साफ शब्दों में कहा कि, अमेरिका में अब एक तबका ऐसा भी है जो मानता है कि भारतीय उनकी नौकरियां हड़प रहे हैं.
- वहां की सियासत में भारतीय सिर्फ दर्शक बनकर रह गए हैं, जहां कोई भी पक्ष उनकी पूरी इज्जत की गारंटी नहीं देता.
- उन्होंने जोर दिया कि अगर भारत समृद्ध नहीं हुआ, तो दुनिया हमें सिर्फ उपदेश देगी, सम्मान नहीं.
वापसी की राह...घर लौट रहे हैं परदेसी 'बाबू' (The Rise of Reverse Migration to India)
आंकड़े भी कुछ ऐसा ही इशारा कर रहे हैं. हालिया सर्वे बताते हैं कि करीब 40 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी अब वापस आने का मन बना रहे हैं. इसके पीछे एच-1बी वीजा (H-1B Visa) की किचकिच और वहां का बेतहाशा खर्च एक बड़ी वजह है. शामक अग्रवाल और जूही निगम जैसे कई युवाओं की कहानियां भी वायरल हो रही हैं, जिन्होंने अमेरिका की चकाचौंध छोड़ अपने माता-पिता और मिट्टी के लिए 'वन-वे टिकट' कटा लिया है.
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(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














