Sarkari Naukri Struggle: सरकारी नौकरी की तैयारी आसान नहीं होती. सालों की मेहनत, पढ़ाई और इंतजार के बाद जब किसी का सिलेक्शन होता है, तो उम्मीद होती है सम्मान की, लेकिन वायरल हो रहे इस वीडियो में एक लड़की बता रही है कि कैसे 20 साल की उम्र में बिना कोचिंग सरकारी परीक्षा पास करने के बावजूद उसे सबसे पहले शक और तानों का सामना करना पड़ा. 22 साल की उम्र में ज्वाइनिंग लेटर हाथ में था, दिल खुशी से भरा था, लेकिन नौकरी पर पहुंचते ही एक रिटायरमेंट के करीब खड़े अंकल ने सवालों की बौछार कर दी. इतनी कम उम्र में नौकरी कैसे? अनुकंपा है क्या? SC-ST से हो क्या? या फिर लड़की हो इसलिए हो गया?
ग्रुप D की नौकरी और असली हकीकत (Group D Railway Job Reality)
लोगों को लगता है सरकारी नौकरी मतलब साहबगिरी, लेकिन लड़की की पहली पोस्टिंग रेलवे में ग्रुप-D ट्रैक मेंटेनर की थी. पहले दिन हंसिया थमा दी गई, दूसरे दिन बेलचा और तगाड़ी. कभी घास कटवाई गई, कभी नाली साफ करवाई गई. वो कहती है कि ये काम छोटा नहीं है, लेकिन समाज की नजर में इसे इज्जत की नौकरी नहीं माना जाता. इसी वजह से दिल टूटता है. मेहनत से मिली नौकरी में भी मजा नहीं आने दिया गया.
प्रमोशन मिला, फिर भी सवाल खत्म नहीं हुए (Promotion in Railway Jobs)
इसके बाद उसने डिपार्टमेंटल एग्जाम दिए और स्टेशन मास्टर बनी, लेकिन यहां भी लोगों के ताने नहीं रुके. किसी ने कहा रेलवे में जल्दी प्रमोशन हो जाता है, किसी ने कहा अब तो साहब बन गई होगी. आज भी वो खुलकर नहीं बता पाती कि वो स्टेशन मास्टर है, क्योंकि लोग तुरंत टिकट और ट्रेन पूछने लगते हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो (ladki ki sarkari naukri)
यह वीडियो X पर dhiwarurmila नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है, जिसे 32 हजार से ज्यादा लोग लाइक कर चुके हैं. ये कहानी सिर्फ एक लड़की की नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की है ,जिनकी मेहनत को शक और जलन के तराजू में तौला जाता है. सरकारी नौकरी सिर्फ पोस्ट नहीं, संघर्ष की कहानी होती है. इस वायरल वीडियो ने समाज को आईना दिखाया है कि मेहनत का सम्मान जरूरी है, चाहे पद कोई भी हो.
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