Worst Job Experience: नौकरी पेशा लोगों के लिए 'पिंक स्लिप' किसी डरावने ख्वाब से कम नहीं होती, लेकिन एक महिला के साथ कंपनी ने जो खेल खेला, उसे सुनकर आप अपना सिर पकड़ लेंगे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक मोहतरमा ने अपना दर्द बयां किया है. उन्होंने बताया कि कंपनी ने बड़े प्यार से उन्हें टाटा-बाय बाय कह दिया और बहाना बनाया कि अब उनके पास ज्यादा काम नहीं बचा है. बेचारी दिल पर पत्थर रखकर घर बैठ गईं, लेकिन कहानी में ट्विस्ट अभी बाकी था. कुछ ही वक्त बीता था कि मैडम को पता चला कि जिस काम के लिए उन्हें 'फालतू' बताया गया था, उसी पोस्ट के लिए कंपनी ने दो नए लोगों को भर्ती कर लिया है. यह तो बस ट्रेलर था, असली पिक्चर तो तब शुरू हुई जब कंपनी ने उन्हें फिर से फोन घुमाया और वापस आने का न्यौता दे दिया.
महिला का दर्द हुआ वायरल! (workplace story viral)
करियर में लंबा गैप न आए, बस इसी फिक्र में महिला ने दोबारा ज्वाइनिंग दे दी, लेकिन ऑफिस पहुंचते ही जो मंजर दिखा, वो किसी टॉर्चर से कम नहीं था. जिन दो नए लड़कों को कंपनी ने हायर किया था, महिला को उन्हीं को काम सिखाने यानी 'ट्रेन' करने की जिम्मेदारी दे दी गई.
सोचिए, कल तक जो कुर्सी आपकी थी, आज उसी पर बैठे नए लोगों को आप खुद बता रहे हैं कि काम कैसे होता है. सबसे मजे की बात (या बदकिस्मती) यह थी कि वे नए लोग फुल-टाइम कर्मचारी थे और जिस महिला ने कंपनी को खून-पसीना दिया, उसे एक टेम्परेरी रोल थमा दिया गया था.
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कॉरपोरेट की 'जहरीली' सियासत पर उठे सवाल (Toxic Workplace Culture and Viral Reaction)
महिला ने बताया कि उसे कभी भी टीम का हिस्सा महसूस ही नहीं होने दिया गया. मीटिंग्स से बाहर रखना और अलग-थलग महसूस कराना ऑफिस का पुराना पैंतरा था. अब हालत ये है कि जिन जूनियर्स को वो काम सिखा रही हैं, वही उन्हें ऑर्डर दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर लोग इस बात से खफा हैं और कंपनी की इस 'ओछी' हरकत पर जमकर भड़ास निकाल रहे हैं. इंटरनेट यूजर्स का कहना है कि ऐसी सिचुएशन में महिला को तगड़ी कंसल्टिंग फीस मांगनी चाहिए थी. वैसे अब महिला का कहना है कि वो इस नौकरी से कोई जज्बाती लगाव नहीं रखतीं और बस नया ठिकाना ढूंढने की जुगत में हैं.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














