पेंटागन में जगी रात, पिज्जा शॉप्स में लगी लंबी लाइन...दुनिया सोच में पड़ गई

जब दुनिया सो रही थी, पेंटागन के पास पिज्जा ओवन धधक रहे थे. उसी रात वेनेजुएला को लेकर सैन्य कार्रवाई की खबरें उभरीं. क्या यह सिर्फ इत्तेफाक है या वाकई आधी रात का पिज्जा किसी बड़े फैसले की आहट देता है?

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आधी रात में अचानक से बढ़ गई इस शहर में पिज्जा की बिक्री, Venezuela चर्चा के बीच आखिर पिज्जा के साथ क्या पक रहा था?

Pentagon Pizza Theory: सोशल मीडिया पर एक बार फिर 'Pentagon Pizza Theory' चर्चा में है. थ्योरी कहती है, जब अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन में देर रात हलचल बढ़ती है, तो आसपास के पिज्जा और फास्ट-फूड आउटलेट्स पर ऑर्डर अचानक उछल जाते हैं. वजह? अधिकारी और कर्मचारी देर रात तक काम में डटे रहते हैं. इसी पैटर्न का जिक्र तब तेज हुआ, जब वेनेजुएला की राजधानी काराकास को लेकर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की रिपोर्ट्स सामने आईं. ठीक उसी समय, वर्जीनिया के आर्लिंगटन काउंटी में पेंटागन के पास एक पिज्जेरिया में आधी रात के बाद असामान्य भीड़ देखी गई.

डेटा कहता है क्या? सोशल मीडिया की निगाह (pentagon late night pizza orders)

एक्स पर सक्रिय अकाउंट Pentagon Pizza Report ने बताया कि, 3 जनवरी की रात 2:04 बजे के आसपास 'Pizzato Pizza' पर ट्रैफिक अचानक बढ़ गया. यह चहल-पहल करीब 90 मिनट तक रही और फिर 3:44 बजे तक दुकान लगभग खाली हो गई. ऑनलाइन ऑब्जर्वर्स ऐसे पैटर्न्स को नोट करते हैं. हालांकि, यह कोई आधिकारिक संकेत नहीं माना जाता...बस एक अनौपचारिक ट्रेंड.

कोल्ड वॉर से आज तक...कहां से आई थ्योरी? (us military mission signals)

इस थ्योरी की जड़ें कोल्ड वॉर के दौर तक बताई जाती हैं. दावा है कि तब सोवियत विश्लेषकों ने देखा, जब भी अमेरिका कोई बड़ा कदम उठाने वाला होता, CIA और पेंटागन के आसपास देर रात पिज्जा की मांग बढ़ जाती.

1 अगस्त 1990 को CIA के पास बड़े ऑर्डर्स और अगले दिन कुवैत पर इराकी हमले का उदाहरण अक्सर उद्धृत किया जाता है. हालांकि, यह महज सहसंबंध है, प्रमाण नहीं.

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