AI-Generated Car Accident: रफ्तार, रोड और एक हैरतअंगेज मंजर...सोशल मीडिया पर ऐसा वीडियो सामने आया जिसने लोगों को कुछ पल के लिए ठिठका दिया. थार गाड़ी सीधे साइन बोर्ड में घुसी दिख रही है, जैसे हकीकत और फिल्मी सीन का फर्क ही मिट गया हो. कमेंट सेक्शन में कोई इसे लापरवाही बता रहा है, तो कोई किस्मत का खेल, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. इस वायरल वीडियो ने एक और बहस छेड़ दी है, क्या ये सचमुच का हादसा है या फिर AI का कमाल?
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जब एक्स के AI टूल Grok से इस वीडियो पर सवाल पूछा गया, तो उसने साफ इशारा किया कि मामला संदिग्ध लग रहा है. फिजिक्स मेल नहीं खाता, किसी विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट में जिक्र नहीं, और विजुअल्स एडिटेड जैसे नजर आते हैं. यानी अब सोशल मीडिया पर सिर्फ वीडियो वायरल नहीं होते, बल्कि AI भी सच और झूठ की परतें खोलने लगा है. ऐसे दौर में हर वायरल क्लिप को आंख मूंदकर सच मान लेना थोड़ी जल्दबाजी हो सकती है.
वायरल वीडियो ने मचाई हलचल (Viral Video Sparks Buzz)
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक थार गाड़ी NH-48 के साइन बोर्ड में फंसी नजर आती है. बोर्ड पर दिल्ली, गुरुग्राम और जयपुर की दिशा लिखी दिखाई देती है. पहली नजर में यह दृश्य किसी फिल्मी सीन जैसा लगता है, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए. वीडियो को @MeenaRamesh91 नाम के यूजर ने शेयर किया और मजाकिया अंदाज में लिखा कि शायद गाड़ी जयपुर की तरफ जा रही थी, लेकिन सीधे बोर्ड में ही पहुंच गई.
Grok एआई ने क्या कहा (What Did Grok AI Say)
जब इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए एक्स के एआई टूल Grok से सवाल किया गया तो उसने साफ कहा कि, इस घटना की कोई पुष्टि नहीं मिली है. न तो किसी विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट में इसका जिक्र है और न ही किसी आधिकारिक स्रोत ने इसे कन्फर्म किया है. Grok के अनुसार तस्वीर और वीडियो में फिजिक्स मेल नहीं खाता, जिससे शक होता है कि यह एडिटेड या AI जनरेटेड कंटेंट हो सकता है.
क्या है असली हकीकत (Delhi Gurugram Jaipur signboard)
अब तक इस कथित हादसे की कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. किसी प्रमुख समाचार पत्र या मीडिया रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह वीडियो मनोरंजन या वायरल मजाक के लिए बनाया गया हो सकता है. ऐसे मामलों में बिना पुष्टि के किसी भी वीडियो को सच मान लेना सही नहीं है.
सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट अक्सर एडिटेड या भ्रामक हो सकता है. यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि आज के दौर में फेक वायरल वीडियो तेजी से फैलते हैं. सच और अफवाह के बीच फर्क समझना जरूरी है. हर वायरल वीडियो हकीकत नहीं होता, इसलिए भरोसा करने से पहले जांच जरूरी है.
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Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.













