Viral Video : जापान के इचिकावा सिटी चिड़ियाघर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सोशल मीडिया पर दुनिया भर के लोगों की आंखों में खुशी के आंसू ला दिए हैं. अपनी मां द्वारा छोड़े जाने और अपनी ही टोली (troop) से बार-बार ठुकराए जाने के बाद, सात महीने के नन्हे मकाक बंदर 'पंच-कुन' को आखिरकार उसके परिवार ने स्वीकार कर लिया है.
अकेलेपन का साथी था 'प्लश टॉय'
पंच-कुन की कहानी तब चर्चा में आई थी जब वह अपनी मां के बिना अकेला रह गया था. चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने उसे अकेलापन दूर करने और शारीरिक मजबूती के लिए एक ओरंगुटन जैसा दिखने वाला सॉफ्ट टॉय (प्लश टॉय) दिया था. नन्हा पंच घंटों उस खिलौने से लिपटा रहता था, जो उसके लिए मां की कमी को पूरा करने का एकमात्र सहारा था.
दिल जीत लेने वाला पल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ताजा वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक बंदर (ओनसिंग) ने नन्हे पंच को अपनी बाहों में भरकर उसे कसकर गले लगा लिया. इसके अलावा, एक अन्य वीडियो में एक दूसरा बंदर को पंच की बाल साफ करना करते देखा गया. सच तो ये है कि बंदर उसकी सफाई ही नहीं बल्कि अपना प्यार जता रहा है.
क्यों हो रहा था विरोध?
चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, पंच को शुरुआत में काफी संघर्ष करना पड़ा था. जब भी वह दूसरे बच्चों के साथ खेलने की कोशिश करता, बाकी बंदर उसे झिड़क देते या दूर भगा देते थे. चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, "शुरुआत में जब पंच ने दूसरे बच्चों से घुल मिलना चाह तो उन बच्चों की मादा बंदर को लगा कि शायद वह उनके बच्चों को परेशान कर रहा है. इसी गलतफहमी में उसे कई बार बाकी बंदरों न परेशान किया.
सोशल मीडिया पर 'हीलिंग' का माहौल
इस खबर के आने के बाद इंटरनेट पर लोग खुशी जाहिर कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, 'मुझे नहीं पता था कि एक नन्हे बंदर की खुशी देखकर मैं इस तरह रो पडूंगा.' वहीं दूसरे ने लिखा, 'पंच को अब खिलौने की नहीं, अपनों के प्यार की जरूरत है और उसे वह मिल गया.'
चिड़ियाघर के अधिकारियों का कहना है कि अब पंच धीरे-धीरे बाकी बंदरों को समझ रहा है और अपने नए परिवार के साथ सुरक्षित और खुश है.














