Vinod Kambli Ice Cream Ad: क्रिकेट की दुनिया में किसी जमाने में सचिन तेंदुलकर के कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले विनोद कांबली की जिंदगी किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं रही. हाल ही में 'दिनशॉ' (Dinshaw's) नाम के आइसक्रीम ब्रांड ने कांबली के साथ एक विज्ञापन निकाला, जिसे उन्होंने 'कमबैक' का नाम दिया. एड में दिखाया गया कि जिन्हें जिंदगी में'थोड़ा कम' मिला, वो 'थोड़ा ज्यादा' के हकदार हैं और इसी बात को आइसक्रीम कोन की एक्स्ट्रा चॉकलेट टिप से जोड़ दिया गया.
संघर्ष का सौदा या जज्बे को सलाम? (Vinod Kambli Comeback Video)
सोशल मीडिया पर जैसे ही यह वीडियो आया, लोगों ने ब्रांड की क्लास लगा दी. आलोचकों का कहना है कि कांबली की निजी मुश्किलों, उनकी बीमारी और माली हालत को एक मामूली आइसक्रीम बेचने के लिए इस्तेमाल करना 'टोन्ड-डेफ' यानी संवेदनहीनता है. जनता का मानना है कि एक खिलाड़ी जिसने देश के लिए बड़े-बड़े रिकॉर्ड बनाए, उसकी कहानी को सिर्फ सहानुभूति बटोरने का जरिया नहीं बनाना चाहिए था.
मेकर्स की सफाई...'95% लोगों को पसंद आया' (Creators Defend the Ad Campaign)
बवाल बढ़ता देख कैंपेन के क्रिएटिव लीड गुंजन गाबा ने मोर्चा संभाला. उन्होंने 'द प्रिंट' से बातचीत में कहा कि रिस्पॉन्स जबरदस्त है और करीब 95% लोग इसे पसंद कर रहे हैं. उनके मुताबिक, मकसद कांबली की हिम्मत और छोटी खुशियों को सेलिब्रेट करना था.
हालांकि, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस ये साफ करती है कि जब बात किसी के जज्बातों और उतार चढ़ाव भरी जिंदगी की हो, तो ब्रांड्स को बहुत संभलकर कदम रखने की जरूरत है. किसी के बुरे वक्त को मार्केटिंग का हिस्सा बनाना हमेशा से जोखिम भरा रहा है. कांबली का यह एड बताता है कि भले ही मंशा नेक हो, पर अगर उसे सही तरीके से पेश न किया जाए तो वह फायदे की जगह ब्रांड की किरकिरी करा सकता है.
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(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














