रुद्रनाथ मंदिर में बर्फ से ढकी वादियों के बीच आरती, हिमालय की खामोशी में गूंजती शिव भक्ति, लोग बोले- बिल्कुल शिवलोक जैसा नजारा

अगर आप कभी हिमालय की सैर पर जाना चाहते हैं और भगवान शिव की भक्ति का आनंद उठाना चाहते हैं, तो रुद्रनाथ मंदिर आपके लिए बेस्ट जगह हो सकती है. बर्फ से ढकी चोटियों और ठंडी हवाओं के बीच यहां की आरती इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
रुद्रनाथ मंदिर की आरती का वायरल वीड‍ियो.

Rudranath temple aarti : रुद्रनाथ मंदिर में बर्फ से ढकी चोटियों के बीच हो रही आरती इन दिनों सोशल मीडिया पर धूम मचा रही है. 8वीं सदी का यह प्राचीन मंदिर, भगवान शिव के मुख को समर्पित है और यहां की शांति, दीपों की चमक और मंत्रों की गूंज हर श्रद्धालु के मन को भा रही है. सोशल मीडिया यूजर्स इस जगह को सीधे शिवलोक से जोड़ रहे हैं. रुद्रनाथ पंच केदार यात्रा का चौथा मंदिर है, जो केदारनाथ, तुंगनाथ और मध्यमहेश्वर के बाद आता है. 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर पंच केदार में सबसे कठिन पहुंच वाला मंदिर माना जाता है. लेकिन यहां से दिखाई देने वाले नंदा देवी, त्रिशूल और नंदा घुंटि के नजारे बेहद कमाल के हैं.

कभी नहीं सोचा था बिना हथियार लौटूंगा... कश्मीर लौटे रिटायर्ड ब्रिगेडियर की कहानी दिल को छू लेगी

आस्था का अनोखा संगम

सर्दियों में भगवान शिव का प्रतीक रूप गोपेश्वर लाया जाता है. यहां से यात्रा कर लोग पनार और ल्यूटी बुग्याल होते हुए पितृधर पहुंचते हैं और वहां अपने पूर्वजों की पूजा करते हैं. श्रावण पूर्णिमा के दिन रुद्रनाथ में मेला लगता है. लोग पास के सूर्य कुंड, चंद्र कुंड, तारा कुंड और मना कुंड में स्नान कर अपनी यात्रा को और पवित्र बनाते हैं.

रुद्रनाथ ट्रेक

रुद्रनाथ का ट्रेक थोड़ी मेहनत वाला है, लेकिन हिमालय के खूबसूरत नजारों के लिए यह पूरी मेहनत आपको उस दिव्यता का दर्शन करा सकती है, जहां पहुंचना सिर्फ कल्पनाओं में ही हो सकता है. ट्रेक के तीन रास्ते हैं, हेलांग, सागर गांव और मंडल गांव. रास्ते में खुला मैदान, जंगल और पहाड़ों का नजारा आपको हमेशा याद रहेगा. लोग कहते हैं, 'रुद्रनाथ की चढ़ाई, जर्मन की लड़ाई.' ट्रेक आमतौर पर 4-5 दिन का होता है और इसमें आप रास्ते में गांवों और बुग्याल में रात गुजारते हैं.

कब जा सकते हैं रुद्रनाथ

रुद्रनाथ घूमने के लिए गर्मी का मौसम (अप्रैल-जून) सबसे बढ़िया माना जाता है. मौसम सुहावना रहता है और ट्रेकिंग आसान होती है. मानसून में (जुलाई–सितंबर) बारिश से वातावरण तरोताजा होता है, लेकिन रास्ते थोड़ा मुश्किल हो सकते हैं. सर्दियों में (अक्टूबर-फरवरी) भारी बर्फबारी होती है, इसलिए यात्रा मुश्किल है.

कैसे पहुंचे रुद्रनाथ

रुद्रनाथ उत्तराखंड के चमोली जिले में है. नजदीकी एयरपोर्ट देहरादून (जॉली ग्रांट) है, रेलवे स्टेशन ऋषिकेश और सड़क मार्ग से आप गोपेश्वर या सागर गांव तक आसानी से पहुंच सकते हैं. यह मंदिर सिर्फ श्रद्धा का केंद्र नहीं बल्कि हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता और ट्रेकिंग का मजा भी देता है.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Pariksha Pe Charcha के दौरान अपनी उम्र को लेकर क्या बोले PM Modi? '25 साल अभी बाकी हैं...' | Boards
Topics mentioned in this article