Right Sided Heart Case: प्रकृति के नियमानुसार मानव शरीर के आंतरिक और बाहरी अंगों का एक निश्चित स्थान होता है, जहां हृदय सामान्यतः बाईं ओर स्थित होता है, लेकिन नागपुर में एक ऐसा दुर्लभ मामला सामने आया है जिसने चिकित्सा जगत को हैरान कर दिया है. सावनेर निवासी एक 70 वर्षीय महिला को सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ के कारण नागपुर के लता मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
हैरान करने वाला मेडिकल केस (Nagpur rare medical case)
शुरुआती जांच और ईसीजी के दौरान हृदय की स्थिति को लेकर संदेह हुआ, जिसके बाद प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. हितेंद्र भागवतकर ने जब इको जांच की, तो पता चला कि महिला का हृदय बाईं ओर के बजाय दाहिनी ओर स्थित है. डॉक्टरों के अनुसार, जन्मजात अंगों की ऐसी स्थिति और 70 वर्ष की आयु में इसका पता चलना वैश्विक स्तर पर संभवतः तीसरा या चौथा मामला है और भारत में यह अपनी तरह का एकमात्र दुर्लभ केस हो सकता है.
हार्ट अटैक के बाद बड़ा खुलासा (70 year old woman heart surgery)
चुनौती केवल निदान तक सीमित नहीं थी, बल्कि उपचार भी बेहद जटिल था क्योंकि हृदय के दाहिनी ओर होने के कारण सभी रक्त वाहिकाएं भी उल्टी दिशा में थीं. डॉ. भागवतकर और उनकी अनुभवी टीम ने इस जटिलता के बावजूद सफलतापूर्वक एंजियोग्राफी की, जिसमें मुख्य रक्तवाहिनी LAD में 90 प्रतिशत ब्लॉक पाया गया. सभी आवश्यक सावधानियां बरतते हुए डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक एंजियोप्लास्टी कर महिला की जान बचाई.
दाहिनी ओर निकला 70 साल की महिला का दिल (Indian medical miracle)
वर्तमान में महिला पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. इस असाधारण उपलब्धि के लिए संस्थान के उपाध्यक्ष विधायक डॉ. आशीषराव देशमुख और मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारियों ने हृदय रोग विभाग की टीम की सराहना की है.
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