Garhwa YouTube Village: झारखंड के गढ़वा जिले में इन दिनों एक अजीब सा 'डिजिटल जादू' सिर चढ़कर बोल रहा है. रंका प्रखंड की विश्रामपुर पंचायत में एक गांव है 'बहाहारा', जिसे अब लोग इसके असली नाम से कम और 'यूट्यूब वाला गांव' (YouTube Village) के नाम से ज्यादा जानते हैं. न यहां कोई हाई-फाई स्टूडियो है, न कोई बड़ा सेलिब्रिटी, बस इस सड़क की अदाएं कुछ ऐसी कातिलाना हैं कि लोग इसे 'यूट्यूब वाला गांव' कहने लगे हैं. आखिर क्या है इस मोड़ का माजरा? आइए तफ्सील से जानते हैं.
ये है YouTube वाला गांव (Jharkhand viral village)
दरअसल, यहां की एक घुमावदार सड़क, जिसे बरसों से लोग 'कानी मोड़' के पुराने और फीके नाम से पुकारते थे, अब सोशल मीडिया की मेहरबानी से 'यूट्यूब मोड़' (YouTube Mod) में तब्दील हो चुका है. यह कोई सरकारी नामकरण नहीं है जनाब, बल्कि यह तो स्मार्टफोन वालों का स्वैग है. करीब 4 से 5 साल पहले जब गांवों में इंटरनेट की गंगा बही, तो यहां के लड़कों ने इस मोड़ की खूबसूरती को कैमरे में कैद कर इंटरनेट की दुनिया में ऐसा उछाला कि, यह वायरल हो गया. अब तो आलम यह है कि सड़क किनारे बाकायदा इस नाम का बोर्ड भी टंग चुका है, जिसे देखकर राहगीर अपनी गाड़ियां रोक लेते हैं.
Photo Credit: social media
पहाड़ों जैसी सड़क और इंटरनेट का तड़का (YouTube mod Garhwa)
गांव के बुजुर्ग भी दांतों तले उंगली दबा लेते हैं, जब वो देखते हैं कि दूर-दूर से आए नौजवान यहां सिर्फ फोटो खिंचवाने और रील बनाने के लिए रुक रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि, इस सड़क का घुमाव बिल्कुल वैसा ही सुहाना लगता है जैसा हम अक्सर पहाड़ों वाले वीडियो या फिल्मों में देखते हैं. इसी पहाड़ी 'वाइब' की वजह से युवाओं ने इसका नाम यूट्यूब से जोड़ दिया.
मजे की बात तो यह है कि इस गांव में कोई बड़ा कंटेंट क्रिएटर या व्लॉगर नहीं रहता, फिर भी यह नाम सबकी जुबान पर ऐसा चढ़ा कि, अब यही इस इलाके की नई पहचान बन गई है. जब भी कोई यहां से गुजरता है, तो मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना उसकी मजबूरी बन जाती है.
ये भी पढ़ें:-करोड़ों की कार और बोनट पर सीमेंट का मसाला! बेंगलुरु की सड़कों पर ये कैसा 'तमाशा', हकीकत जान चकरा जाएगा सिर
डिजिटल दौर में गांव की नई पहचान (New Identity of Village in Digital Era)
गढ़वा का यह 'यूट्यूब मोड़' इस बात का जीता जागता सबूत है कि अगर कोई जगह खूबसूरत हो और उसे इंटरनेट का साथ मिल जाए, तो उसकी तकदीर बदलते देर नहीं लगती. आज यह मोड़ सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि बदलते भारत की वो तस्वीर है, जहां अब गांवों की पहचान भी डिजिटल प्लेटफॉर्म तय कर रहे हैं.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














