Musical Instruments Morchang: सदियों से संगीत भारतीय पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. म्यूजिक सिर्फ एक कला नहीं है, यह इंसान की भावनाओं की गहरी भाषा है, जो हमारी आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है. त्योहारों, गलियों में होने वाले कार्यक्रमों और घरों में होने वाली पूजा‑रिवाजों में संगीत हमारी संस्कृति को एक खास रंग देता है. मंदिरों में बजने वाले पारंपरिक संगीत से लेकर आज की आधुनिक रात के जाम सेशन तक, म्यूजिक एक ऐसी भाषा है जो सभी को जोड़ती है. यह भावनाओं को व्यक्त करने और लोगों को एक‑दूसरे से जोड़ने का एक शक्तिशाली माध्यम है. भारत की इस समृद्ध परंपरा के केंद्र में हैं इसकी विविध पारंपरिक म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट, जिन्होंने पीढ़ियों से हमारी सांस्कृतिक पहचान को संभाला और आगे बढ़ाया है.
यह भी पढ़ें:- Aadhaar Update: बच्चों के आधार को लेकर जरूरी अपडेट, MBU करना हुआ अनिवार्य, स्कूलों और सरकारी योजनाओं का नहीं मिलेगा लाभ
इनमें से कई पारंपरिक म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट आज भी लोगों से दूर हैं. बहुत कम लोग इन्हें देखते या इनके बारे में जानते हैं, लेकिन इनका इतिहास बहुत गहरा और महत्वपूर्ण है. जैसे कि मोर्चंग, जो छोटा‑सा म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट है और अपनी अनोखी, मन मोह लेने वाली आवाज के लिए जाना जाता है. हाल ही में इंटरनेट पर मोर्चंग का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक कलाकार इस म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट को बजाते हुए दिखाई देता है.
मोर्चंग की धुन फिर हुई जिंदा
राजस्थान के रेगिस्तान से आया यह वीडियो वायरल हो गया है, क्योंकि यह 1,500 साल पुरानी मोर्चंग परंपरा की असली खूबसूरती दिखाता है. इस दृश्य की सबसे खास बात है उसकी सादगी, न कोई बड़ा मंच, न दर्शकों के लिए खास व्यवस्था, बस कलाकार, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट और प्रकृति का सहज मेल.
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर देवांश अलीजर नाम के यूजर ने शेयर किया है. वीडियो पर लिखा था “This is Morchang. Ancient. Alive.” शांत रेगिस्तान में बैठा एक पारंपरिक कलाकार इस छोटे से लोहे के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट की मदद से सदियों पुरानी धुनों को फिर से जीवंत करता नजर आता है.














