90 मिनट के 1.6 लाख, बिल का ऐसा डर..चोट लगने के बाद भी खुद अस्पताल पहुंचा शख्स, अमेरिका की मेडिकल हकीकत

अमेरिका को सपनों की धरती कहा जाता है, लेकिन वहां बीमार पड़ना जेब के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं. एक भारतीय NRI ने जब अपने इलाज का बिल दिखाया, तो सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि महंगी सैलरी के साथ महंगा सिस्टम कितना भारी पड़ता है.

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'90 मिनट के लिए 1.6 लाख रुपये...भारतीय ने सुनाई अमेरिका के अस्पताल की कड़वी हकीकत

America Health Care: जयपुर के रहने वाले पार्थ विजयवर्गीय (जो फिलहाल अमेरिका के एरिजोना में रहते हैं) हाल ही में आइस स्केटिंग के दौरान चोटिल हो गए. दर्द के बावजूद उन्होंने एम्बुलेंस बुलाने की हिम्मत नहीं की, क्योंकि अमेरिका में एम्बुलेंस का खर्च पहले से ही डराने वाला माना जाता है. पार्थ खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल के इमरजेंसी रूम पहुंचे, जहां उनका इलाज करीब डेढ़ घंटे चला.

इलाज खत्म, बिल देखकर उड़े होश (Shocking Medical Bill After Treatment)

इलाज के करीब तीन हफ्ते बाद पार्थ को इंश्योरेंस कंपनी से बिल मिला. कुल इलाज का खर्च बताया गया लगभग 5,800 डॉलर. इसमें से करीब 4,000 डॉलर इंश्योरेंस ने कवर किए, लेकिन बाकी 1,800 डॉलर यानी करीब 1.6 लाख रुपये पार्थ को अपनी जेब से देने पड़े. पार्थ ने कहा कि अमेरिका में हेल्थकेयर की यही असलियत है, इसलिए यहां की सैलरी भी ज्यादा होती है.

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस (america healthcare system)

पार्थ का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. कई यूजर्स ने भारत की हेल्थकेयर व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा कि यहां कम खर्च में बेहतर इलाज मिल जाता है. कुछ लोगों ने लिखा कि अमेरिका की हाई इनकम तब तक अच्छी लगती है, जब तक जिंदगी खुद अपना बिल नहीं थमा देती. यह खबर इसलिए अहम है क्योंकि आज लाखों भारतीय अमेरिका शिफ्ट होने का सपना देखते हैं. यह अनुभव बताता है कि बेहतर सुविधाओं के साथ खर्च भी उतना ही भारी होता है. पार्थ ने भी सलाह दी कि अमेरिका जाने से पहले फाइनेंशियल प्लानिंग बेहद जरूरी है.

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