DNA Test Twins Father Mystery: ब्रिटेन से एक ऐसा कानूनी मामला सामने आया है जिसने वैज्ञानिकों और जजों के पसीने छुड़ा दिए हैं. एक मासूम बच्चे का असली पिता कौन है, यह रहस्य गहराता जा रहा है, क्योंकि इसके पीछे दो हमशक्ल (Identical Twins) भाई खड़े हैं. ताज्जुब की बात यह है कि हाई-टेक डीएनए टेस्ट भी इस उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने में नाकाम रहा है.
जुड़वा भाइयों का चक्कर और कानून की उलझन (The Twin Brother Dilemma and Legal Tangle)
ब्रिटेन की एक अदालत में इन दिनों एक ऐसा केस चल रहा है, जो शायद ही पहले कभी सुना गया हो. Sky News की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक महिला के दो जुड़वा भाइयों के साथ बेहद करीबी ताल्लुकात थे. जब बच्चे का जन्म हुआ, तो सबसे बड़ा सवाल खड़ा हुआ कि आखिर असली पिता कौन है? मामला जब फैमिली कोर्ट से होता हुआ 'कोर्ट ऑफ अपील' तक पहुंचा, तो वहां भी जजों के सामने एक अजीबोगरीब चुनौती खड़ी हो गई.
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आमतौर पर किसी भी पितृत्व विवाद (Paternity Dispute) में डीएनए टेस्ट को आखिरी सच माना जाता है, लेकिन इस मामले में विज्ञान की सीमाएं भी खत्म होती नजर आईं. दरअसल, वो दोनों भाई 'आइडेंटिकल ट्विन्स' हैं, जिनका जेनेटिक ढांचा बिल्कुल एक जैसा होता है.
जब फेल हो गया डीएनए टेस्ट का भरोसा (Why DNA Tests Failed in This Unique Case)
कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक्सपर्ट्स ने बताया कि मौजूदा डीएनए तकनीक फिलहाल इतनी एडवांस नहीं है कि, वह दो समान जुड़वा भाइयों के बीच रत्ती भर का फर्क पकड़ सके. जजों ने बेहद सादगी और संजीदगी से स्वीकार किया कि फिलहाल हमारे पास ऐसी कोई सुलभ तकनीक नहीं है, जो इस रहस्य से पर्दा उठा सके.
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जस्टिस सर एंड्रयू मैकफर्लेन ने फैसला सुनाते हुए कहा कि, सच्चाई यह है कि पिता इन दोनों में से ही कोई एक है, लेकिन यह कहना मुमकिन नहीं कि कौन. कोर्ट ने फिलहाल जन्म प्रमाण पत्र से एक भाई का नाम हटाने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन जिम्मेदारी किसकी होगी, यह फैसला अभी भविष्य की गर्त में है.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














