Thief stuck in shutter: मामला गाजियाबाद के इंदिरापुरम (अभय खंड) का है. यहां एक बंदा...रात के सन्नाटे में एक क्लिनिक की छत से नीचे उतरा...सोचा होगा कि शटर के बीच की खाली जगह से रेंगकर अंदर पहुंच जाएंगे और माल समेट लेंगे, लेकिन भाई साहब का दांव उल्टा पड़ गया. जैसे ही उसने सिर अंदर डाला, गर्दन शटर और कंक्रीट की दीवार के बीच ऐसी फंसी कि न निगलते बन रहा था, न उगलते. अब बंदा बीच हवा में लटककर पैर पटकने लगा.
चोरी करने गए चोर की शटर में फंसी गर्दन (Shutter me fansa chor)
पूरी रात गुजर गई, पर गर्दन टस से मस न हुई. जब दर्द बर्दाश्त के बाहर हुआ, तब उसने शटर पर लातें मारनी शुरू कीं. शोर सुनकर पड़ोसियों की नींद टूटी, तो नजारा देख उनके भी होश उड़ गए. आनन-फानन में पुलिस और फायर ब्रिगेड (वैशाली स्टेशन) को बुलाया गया. दमकलकर्मियों ने कटर और रेस्क्यू टूल्स की मदद से बड़ी सावधानी से शटर को काटा और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चोर को आजाद कराया. गनीमत रही कि गर्दन की हड्डी नहीं टूटी, वरना लेने के देने पड़ जाते.
जिस क्लिनिक में चोरी करने आया...वहीं मिला इलाज (Thief Treated in the Same Clinic)
इस पूरी कहानी का सबसे मजेदार मोड़ तब आया, जब पता चला कि जिस क्लिनिक में ये महाशय चोरी करने घुसे थे, वह एक हार्ट स्पेशलिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) का था. रातभर हवा में लटकने की वजह से चोर की हालत पस्त थी, तो मानवता दिखाते हुए उसी क्लिनिक के स्टाफ ने उसका प्राथमिक उपचार किया. मरहम-पट्टी कराने के बाद पुलिस ने बंदे को अपनी कस्टडी में ले लिया. अब सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं, 'इसे कहते हैं हाथों-हाथ कर्मों का फल मिलना.'
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














