ऑफिस में मीटिंग का सिलसिला जारी रहता है, जिसमें अक्सर मैनेजर और इंप्लॉई के बीच नोंकझोंक भी देखने को मिल जाती है. कई लोग अपने ऑफिस लोड से परेशान होकर अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं. इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें एक Gen Z कर्मचारी का जवाब काफी वायरल हो रहा है. दरअसल, हुआ यह कि एक अधिकारी शायद मैनेजर ने कर्मचारी को सुबह 6:30 बजे ऑफिस पहुंचकर फिजिकली बैठने का आदेश दिया, क्योंकि 7:00 बजे एक वर्चुअल मीटिंग थी. उसने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो इसे "आज्ञा न मानना" माना जाएगा. इसके साथ ही, संदेश में यह भी लिखा था कि अगर कर्मचारी ने बार‑बार ऐसा किया तो कंपनी की पॉलिसी के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें सस्पेंशन भी शामिल है.
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इंप्लॉई को दिया ऐसा आदेश
इस पूरे मामले का स्क्रीनशॉट X यानी (पहले ट्विटर) पर शेयर किया गया. पोस्ट करने वाले यूज़र (@niilexis) ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि Gen Z ऐसे ही "हीरो" हैं जिनकी हमें जरूरत थी. "कृपया ध्यान दें कि कंपनी की नीति के अनुसार, नियमों का लगातार पालन न करने पर निलंबन सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है," संदेश में धमकी भरे लहजे में आगे कहा गया, लेकिन "नोटेड" शब्द से शुरू हुई इस प्रक्रिया ने लोगों का दिल जीत लिया है और सोशल मीडिया पर कई लोगों को प्रभावित किया है.
इंप्लॉई के रिप्लाई ने जीता दिल
कर्मचारी का जवाब, जो “noted” शब्द से शुरू होता है, सोशल मीडिया पर लोगों को बहुत पसंद आया और काफी वायरल हो गया. उसने लिखा कि "Noted. साफ‑साफ कह दूं, मैं एक वर्चुअल मीटिंग के लिए ऑफिस में आकर फिजिकली नहीं बैठूंगा. मीटिंग वर्चुअल है, इसलिए मैं उसी तरह शामिल होऊंगा. सिर्फ लोकेशन की वजह से सस्पेंशन की धमकी देना पॉलिसी कम और PowerPoint का गलत इस्तेमाल ज्यादा लगता है. मैं ऑनलाइन हूं.
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाइस पोस्ट को कई मिलियन यूजर ने देखा और हजारों लोगों ने इस पर कमेंट किए हैं. यह घटना दिखाती है कि कैसे ऑफिस से काम करवाने की जिद करने वाले नियोक्ताओं और वर्क‑लाइफ बैलेंस को अहमियत देने वाली Gen Z के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है.
Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.














