Haryana Elderly Doctor Rescue: हरियाणा के कर्नाल से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां एक बुजुर्ग होम्योपैथिक डॉक्टर को सामाजिक संस्था ने उनके घर से रेस्क्यू किया, जहां वे पिछले कई महीनों से बेहद खराब और दयनीय हालत में अकेले रह रहे थे. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसे देखकर लोग हैरान और दुखी हैं.
कर्नाल में क्या हुआ?
खबरों के मुताबिक, यह मामला हरियाणा के कर्नाल शहर का है. स्थानीय सामाजिक संस्था अपना आशियाना के सदस्यों ने मीरा घाटी चौक के पास स्थित घर से एक बुजुर्ग डॉक्टर को बाहर निकाला. द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, संस्था के सदस्य राज कुमार अरोड़ा ने बताया, कि बुजुर्ग डॉक्टर एक संपन्न परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन समय के साथ उनकी हालत काफी बिगड़ गई थी.
18 महीने से नहीं बदले कपड़े
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि संस्था के सदस्य बुजुर्ग को घर से बाहर लेकर जा रहे हैं, जबकि आसपास के लोग अपनी छतों से यह सब देख रहे हैं. बताया गया कि डॉक्टर ने करीब डेढ़ साल (लगभग 18 महीने) से कपड़े नहीं बदले थे. उनके कपड़ों और शरीर से तेज बदबू आ रही थी. घर की हालत भी बेहद गंदी और खराब बताई गई.
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जब संस्था ने उनकी पत्नी से संपर्क किया, जो अपनी दो बेटियों के साथ ऑस्ट्रेलिया में रहती हैं, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि उनके पति मानसिक रूप से अस्थिर हैं और अकेले रहने का फैसला उन्होंने खुद किया था. उन्होंने यह भी बताया कि सेक्टर 7 स्थित घर पर उनकी देखभाल के लिए एक अटेंडेंट रखा गया था, लेकिन डॉक्टर वहां रहने को तैयार नहीं थे और मीरा घाटी चौक के पास अपने घर में अलग रहने पर अड़े थे.
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा और दुख
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने गहरी नाराजगी और दुख जताया. एक यूजर ने लिखा, माता-पिता से बड़ी कोई दौलत नहीं. जो डॉक्टर कभी लोगों की जान बचाते थे, वही आज अपने ही घर में भुला दिए गए. यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि नैतिक असफलता है. दूसरे ने सवाल उठाया, क्या बेटा-बेटी को पता नहीं था कि उनके पिता अकेले रह रहे हैं? किसी ने लिखा, ऑस्ट्रेलिया में रहने का क्या फायदा, अगर आप अपने माता-पिता का ख्याल ही नहीं रख सकते? एक यूजर ने कहा, 18 महीने तक किसी पड़ोसी, रिश्तेदार या दोस्त ने एक बार भी हालचाल नहीं लिया, यह हैरान करने वाला है. कुछ लोगों ने यह भी सलाह दी कि बुजुर्गावस्था के लिए हर व्यक्ति को खुद योजना बनानी चाहिए, क्योंकि आज की व्यस्त जिंदगी में किसी के पास समय नहीं है.
शेल्टर होम में कराया गया शिफ्ट
रिपोर्ट के अनुसार, रेस्क्यू के बाद बुजुर्ग डॉक्टर को अपना आशियाना शेल्टर होम में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है. यह घटना एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपने बुजुर्गों के साथ कैसा व्यवहार कर रहे हैं. किसी भी समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों का कितना सम्मान और ख्याल रखता है.
(Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर यूजर द्वारा की गई पोस्ट से तैयार की गई है. एनडीटीवी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.)
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