AI Robot In China: चीन की राजधानी बीजिंग में रविवार को नजारा कुछ जुदा था. वहां मैराथन तो पहले भी हुई थीं, लेकिन इस बार मैदान में हाड़-मांस के इंसानों को टक्कर देने उतरा था Honor कंपनी का बनाया 'लाइटनिंग' रोबोट. 169 सेंटीमीटर ऊंचे इस ह्यूमनॉइड रोबोट ने 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन को महज 50 मिनट 26 सेकंड में लपेट दिया. ताज्जुब की बात ये है कि इंसानों का वर्ल्ड रिकॉर्ड 57 मिनट 20 सेकंड का है, यानी इस मशीन ने इंसान को करीब 7 मिनट के फासले से पछाड़ दिया.
बिना थके, बिना रुके, 'लाइटनिंग' का जलवा (robot beats human record)
लाल रंग का ये रोबोट जब सड़क पर उतरा, तो इसके हाथ हवा में वैसे ही लहरा रहे थे, जैसे कोई प्रोफेशनल एथलीट बैलेंस बनाता है. इसकी बैटरी और कूलिंग सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया था कि, ये लंबी दूरी तक बिना गर्म हुए दौड़ सके. आयोजकों का कहना है कि इसके अंदर लगा नेविगेशन सिस्टम इसे रास्ता भटकने नहीं देता और इसकी 'बर्स्ट पावर' इसे चीते जैसी रफ्तार देती है. पिछले साल तक जो रोबोट लड़खड़ा रहे थे, इस बार उन्होंने अपनी ताकत का लोहा मनवा लिया.
सुपरपावर बनने की होड़ और रोबोटिक्स क्रांति (China Leap in Global Robotics Competition)
चीन असल में 2015 से ही इस मिशन पर है कि उसे दुनिया की रोबोटिक फैक्ट्री बनना है. मैराथन में इस बार 100 से ज्यादा टीमों ने हिस्सा लिया, जो दिखाती है कि ड्रैगन अब सिर्फ सस्ते खिलौने नहीं, बल्कि दिमाग वाले रोबोट बनाने में अमेरिका को सीधी चुनौती दे रहा है. हालांकि, फिनिश लाइन पर ये रोबोट थोड़ा सा डगमगाया जरूर, लेकिन इसकी टाइमिंग ने ये साफ कर दिया कि आने वाला वक्त मशीनों और इंसानों की इस अनोखी रेस का गवाह बनेगा.
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आज भले ही ये महज एक खेल लगे, लेकिन रोबोट की ये रफ्तार भविष्य की आहट है. जब मशीनें इंसानी स्टेमिना को इतनी आसानी से मात दे रही हैं, तो आने वाले कल में फिजिकल लेबर और स्पोर्ट्स की दुनिया पूरी तरह बदलने वाली है.
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर दी गई है. NDTV इसकी पुष्टि नहीं करता.)














