डेटिंग और रोमांस भी आसान कर रहा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रिलेशनशिप में अब आपकी जगह AI करेगा ये काम

सोशल मीडिया फीड को मैनेज करने से लेकर फिल्मों का सुझाव देने और खरीदारी के अनुभवों को मजेदार बनाने तक में दखल के बाद एआई अब वास्तविक जीवन के प्रेम संबंधों की दुनिया तक फैल सकता है.

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एआई अब डेटिंग में भी करेगा मदद

मौजूदा दौर में हमारे रोजमर्रा की पब्लिक लाइफ से जुड़े कई पहलुओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial intelligence) चुपचाप और आसानी से शामिल हो चुका है. अब पर्सनल लाइफ में भी इसकी घुसपैठ हम सबको बड़े पैमाने पर प्रभावित करने वाली है. सोशल मीडिया फीड को मैनेज करने से लेकर फिल्मों का सुझाव देने और खरीदारी के अनुभवों को मजेदार बनाने तक में दखल के बाद एआई अब वास्तविक जीवन के प्रेम संबंधों की दुनिया तक फैल सकता है. हमारी डिजिटल पर्सनैलिटी से आगे बढ़कर हमारे रोमांस और डेटिंग तक को मैनेज कर सकता है.

डेटिंग प्लेटफॉर्म बंबल भी एआई के इस्तेमाल की रेस में शामिल

बंबल जैसे पॉपुलर डेटिंग प्लेटफॉर्म भी एआई के बेहतर इस्तेमाल करने की रेस में शामिल हैं. बंबल एआई "कंसीयर्जेस" के इंटीग्रेशन (एकीकरण) की खोज कर रहा है जो तमाम यूजर्स के वर्चुअल अवतार को साथ जोड़ता है. अब एआई डिजिटल अवतारों को बिचौलियों के रूप में काम करने, संभावित मैच्स को छांटते हुए और मैच मेकिंग के आधार पर वास्तविक जीवन की डेटिंग की व्यवस्था करने में मददगार साबित हो सकता है.

बंबल की फाउंडर व्हिटनी वोल्फ हर्ड ने किया नया खुलासा

रिपोर्ट के मुताबिक, बंबल की फाउंडर व्हिटनी वोल्फ हर्ड ने खुलासा किया है कि कैसे ऐप यूजर्स और उनके मैचों के बीच कंपैटिबिलिटी की जांच करने के लिए एआई का इस्तेमाल कर सकता है. वोल्फ हर्ड ने 9 मई को ब्लूमबर्ग टेक्नोलॉजी समिट के दौरान बंबल के भविष्य और इसके संभावित बदलावों के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि एआई हम सबकी डेटिंग लाइफ को कैसे प्रभावित कर सकता है.

खुद के बारे में बेहतर तरीके से सोचने में मदद कर सकता है एआई

वोल्फ हर्ड ने कहा कि निकट भविष्य में बंबल यूजर अपने एआई डेटिंग कंसीयर्ज से बात कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि आप अपनी असुरक्षाओं को डेटिंग गाइड के साथ शेयर कर सकते हैं. यह आपको अपने बारे में बेहतर तरीके से सोचने में मदद कर सकता है और फिर आपको लोगों के साथ कम्यूनिकेट करने के लिए जरूरी सुझाव भी दे सकता है. हालांकि, यह हमारे सामाजिक मेलजोल में एआई की बढ़ती मौजूदगी की सिर्फ एक मिसाल है, लेकिन समाज एआई को किस हद तक अपनाता है यह अनिश्चित बना हुआ है. 

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