1971 में खत्म हुई राजशाही, फिर भी शाही ठाठ बरकरार, इन भारतीय राजघरानों की लाइफस्टाइल उड़ा देगी होश

1971 में राजशाही खत्म होने के बाद भी भारत के कुछ शाही परिवार आज महलों, होटलों और हजारों करोड़ की संपत्ति के साथ आलीशान जिंदगी जी रहे हैं. जानिए मेवाड़, मैसूर, जयपुर, जोधपुर और बड़ौदा के राजघरानों के बारे में.

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1971 में खत्म हुई राजशाही, फिर भी शाही ठाठ बरकरार

भारत कभी कई रियासतों और राजाओं-नवाबों का देश रहा है. 1971 में देश में राजशाही व्यवस्था खत्म कर दी गई, जिसके बाद शाही परिवारों से उनके विशेष अधिकार वापस ले लिए गए. लेकिन आज भी कुछ ऐसे राजघराने हैं, जिन्होंने समय के साथ खुद को बदला और अपनी शाही विरासत को संभालकर रखा. ये परिवार अब भले ही शासन नहीं करते, लेकिन आज भी महलों, किलों और करोड़ों की संपत्ति के साथ आलीशान जिंदगी जी रहे हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही 5 प्रमुख शाही परिवारों के बारे में...

1. मेवाड़ राजवंश (उदयपुर)

मेवाड़ राजवंश अपने गौरवशाली इतिहास के लिए जाना जाता है. महाराणा प्रताप जैसे वीर राजा इसी वंश से थे. इस राजघराने के वर्तमान मुखिया अरविन्द सिंह मेवाड़ हैं, जिन्हें मेवाड़ हाउस का 76वां संरक्षक माना जाता है. वे एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स के प्रमुख हैं, जिसके तहत 10 से ज्यादा लग्जरी होटल संचालित होते हैं. उदयपुर का प्रसिद्ध लेक पैलेस और फतेह प्रकाश पैलेस भी इसी विरासत का हिस्सा हैं, जिन्हें ताज होटल्स मैनेज करता है. परिवार ने एंटीक कारों का म्यूजियम और क्रिस्टल कलेक्शन भी संभाल कर रखा है.

2. वाडियार राजवंश (मैसूर)

वाडियार राजवंश की जड़ें यादव वंश से जुड़ी मानी जाती हैं. वर्तमान में इस राजघराने का नेतृत्व यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार कर रहे हैं. परिवार के पास 'रॉयल सिल्क ऑफ मैसूर' जैसे प्रसिद्ध ब्रांड हैं. इसके अलावा कई महल और किले भी इनके स्वामित्व में हैं मैसूर का प्रसिद्ध मैसूर पैलेस, जिसे अंबा विलास पैलेस भी कहा जाता है, कभी इसी राजघराने का आधिकारिक निवास था.

3. गायकवाड़ परिवार (बड़ौदा)

गायकवाड़ राजवंश के पास दुनिया का सबसे बड़ा निजी निवास माना जाने वाला लक्ष्मी विलास पैलेस है, जिसमें 187 कमरे हैं. वर्तमान मुखिया समरजीतसिंह गायकवाड़ हैं. परिवार के पास हजारों करोड़ की संपत्ति, 2000 एकड़ प्राइम रियल एस्टेट और सैकड़ों एकड़ जमीन बताई जाती है. समरजीत सिंह गायकवाड़ क्रिकेट में भी सक्रिय रहे हैं और रणजी ट्रॉफी में बड़ौदा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. साथ ही वे मंदिर ट्रस्ट भी संचालित करते हैं.

4. जोधपुर का शाही परिवार

जोधपुर का शाही परिवार उम्मेद भवन पैलेस और मेहरानगढ़ किला जैसे भव्य स्थलों का मालिक है. वर्तमान प्रमुख गज सिंह द्वितीय हैं, जो कभी त्रिनिदाद और टोबैगो में भारत के उच्चायुक्त भी रह चुके हैं. उमेद भवन पैलेस का एक हिस्सा पर्यटकों के लिए खुला है, जिसे ताज होटल संचालित करता है. उन्होंने 1992 में राजमाता कृष्णा कुमारी गर्ल्स पब्लिक स्कूल की स्थापना भी की. 

5. जयपुर का शाही परिवार

जयपुर राजपरिवार कछवाहा राजपूत वंश से जुड़ा है. पद्मनाभ सिंह वर्तमान में जयपुर के महाराजा माने जाते हैं. वे राष्ट्रीय स्तर के पोलो खिलाड़ी और फैशन आइकन भी हैं. परिवार के पास भव्य रामबाग पैलेस है, जिसे ताज होटल लीज पर लेकर संचालित करता है.

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बदलते दौर में भी बरकरार शाही ठाठ

भले ही राजशाही का दौर खत्म हो चुका हो, लेकिन इन परिवारों ने अपनी विरासत को आधुनिक व्यवसाय, होटल इंडस्ट्री, राजनीति, खेल और समाजसेवा के जरिए आगे बढ़ाया है. आज ये राजघराने इतिहास और आधुनिकता का अनोखा संगम पेश करते हैं.

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