- पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता अभी तक शुरू नहीं हो पाई है, दोनों पक्ष शर्तों पर अड़े हैं
- अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की शर्त रखी है, जबकि ईरान इस पर तैयार नहीं दिख रहा है
- ईरान ने कतर में जब्त अपनी संपत्ति छोड़ने की मांग की थी, लेकिन व्हाइट हाउस ने इसे अस्वीकार कर दिया है
पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली शांति वार्ता अभी तक शुरू नहीं हो पाई है. लेकिन इसे लेकर अब तक कई तरह की खबरें सामने आ चुकी हैं. बताया जा रहा है कि दोनों ही देश वार्ता शुरू करने से पहले एक दूसरे से कुछ शर्तों को मनवाने में लगे हैं. इस वार्ता को शुरू करने के लिए पाकिस्तान के पीएम ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल से पहले अलग-अलग बात कर चुके हैं. लेकिन अभी तक इसका कुछ फायदा होते नहीं दिख रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच शर्तें मनवाने और एक दूसरे के सामने नई-नई शर्तें रखने का दौरा सुबह से ही जारी है.
शनिवार सुबह से ही वार्ता शुरू होने से पहले ही अमेरिकी और ईरान ने एक दूसरे के सामने कई बड़ी शर्तें रखीं थी. मसलन, अमेरिका ने ईरान से बात करने से पहले शर्त रखी थी कि एक टेबल पर बैठककर वार्ता तभी शुरू होगी जब होर्मुज को खोला जाएगा. हालांकि, इसे लेकर ईरान अभी तक तैयार नहीं दिख रहा है. वहीं ईरान ने भीअमेरिका के समक्ष कतर में जब्त अपनी संपत्ति को छोड़ने की मांग की थी. सूत्रों से पहले खबर आई थी कि अमेरिका ने ईरान के इस मांग को मान लिया है.
हालांकि, ईरान कई इस मांग को लेकर व्हाइट हाउस की तरफ से बड़ा बयान आया है. व्हाइट हाउस ने ये साफ कर दिया है कि वो कतर में जब्त ईरान की संपत्ति को छोड़ने नहीं जा रहा है. आपको बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच अभी तक शांति वार्ता की शुरुआत नहीं हो पाई है. दोनों ही देशों के प्रतिनिधि इस्लामाबाद में हैं. दोनों देश एक बातचीत के लिए एक दूसरे के समक्ष शर्तों की एक लिस्ट रखते दिख रहे हैं. ऐसे में ये कह पाना कि मुश्किल है कि आखिर ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता कब शुरू हो पाएगी. और ये भी कि बातचीत शुरू हो भी पाएगी या नहीं.
वार्ता के दौरान क्या है ईरान की शर्ते?
ईरान ने अपना 10 सूत्रीय प्लान रखा है. ईरान चाहता है कि उस पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और होर्मुज स्ट्रेट पर उसका पूरा नियंत्रण स्वीकार किया जाए. ईरान वहां से गुजरने वाले जहाजों से 'टोल टैक्स' वसूलने की जिद पर भी अड़ा है. इसे अमेरिका अपनी वैश्विक ताकत के लिए बड़ी चुनौती मान रहा है.
अमेरिका क्या चाहता है?
अमेरिका ने 15 सूत्रीय शर्ते रखी है. इसमें कहा गया है कि वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और स्थायी रूप से सुरक्षित खोला जाए. ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अपनी सभी कोशिशों को पूरी तरह और सत्यापन योग्य तरीके से बंद करना होगा. ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल विकास पर कड़े प्रतिबंध रहेंगे. ईरान क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को फंडिंग और हथियार देना बंद करे. ईरान में हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों की तत्काल रिहाई करें.
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