- जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल के वारिस माने जाने वाले फ्लोरेस सिल्वा को मेक्सिको सेना ने पकड़ लिया है
- सिल्वा को इस ड्रग कार्टेल के सरगना एल मेंचो का दायां हाथ माना जाता था. अमेरिका ने उस पर मोटा इनाम रखा था
- CJNG कार्टेल का ड्रग्स बिजनेस 100 से अधिक देशों में फैला हुआ है. इसे दुनिया का सबसे बड़ा कार्टेल माना जाता है
दुनिया में ड्रग्स के सबसे खतरनाक और खूंखार गैंग का 'गब्बर सिंह' पकड़ा गया है. मेक्सिको के जिस जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) के नाम से बड़े-बड़े सूरमा कांप उठते हैं, उसका अगला वारिस माने जाने वाले ऑडियास फ्लोरेस सिल्वा को बेहद नाटकीय अंदाज में सेना ने दबोच लिया है. जुर्म की काली दुनिया में ऑडियास एल जार्डिनेरो नाम से फेमस है, जिसका मतलब 'द गार्डनर' यानी माली होता है. वह गैंग के सरगना एल मेंचो का दायां हाथ था. सिल्वा की गिरफ्तारी के बाद मेक्सिको के कई शहरों से छिटपुट हिंसा की खबरें भी आने लगी हैं.
सबसे खतरनाक एल मेंचो का 'वारिस'
फ्लोरेस सिल्वा के ऊपर अमेरिका ने करीब 5 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम इनाम रखा हुआ था, हैरानी की बात है कि सुरक्षा बलों को वह किसी गैंग के अड्डे या बंकर में नहीं बल्कि सड़क किनारे एक नाले में दुबका हुआ मिला. सिल्वा जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल का रीजनल कमांडर था और उसे कार्टेल के सबसे कुख्यात अपराधी एल मेंचो का वारिस माना जा रहा था, जिसे फरवरी में सेना ने ढेर कर दिया था.
100 से ज्यादा देशों में फैला कार्टेल का धंधा
CJNG कार्टेल को सबसे कुख्यात ड्रग्स गैंग बनाने में एल मेंचो का बड़ा हाथ था. अमेरिकी ड्रग एन्फोर्समेंट एजेंसी का मानना है कि ये कार्टेल अमेरिका समेत 100 से ज्यादा देशों में ड्रग्स का काला धंधा चलाता है. कार्टेल का साम्राज्य मेक्सिको के 32 में से 21 राज्यों में फैल चुका है और इस तरह ये सिनालोआ कार्टेल से भी आगे निकल गया है, जो लगभग 19 राज्यों से अपना गैंग चलाता है. कई एनालिस्ट तो मानते हैं कि CJNG कार्टेल का राज मेक्सिको के 25 राज्यों तक फैला हुआ है, जिसका गढ़ जलिस्को में है.
कौन है फ्लोरेस सिल्वा और कितना खतरनाक?
- मेक्सिको के मिचोआकन राज्य के हुएटामो में पैदा हुए ऑडियास फ्लोरेस सिल्वा की उम्र करीब 31 साल है.
- छोटी उम्र में ही उसने ड्रग्स के धंधे में अपना नाम बना लिया था. वह अफीम की खेती कराता था.
- उसे पहली बार अमेरिका में गिरफ्तार किया गया, तब उसे 5 साल की जेल की सजा हुई.
- 2016 में छूटने के बाद उसे मेक्सिको में पुलिस पर हमले के आरोप में फिर गिरफ्तार कर लिया गया. वह 3 साल जेल में रहा.
- सिल्वा को CJNG के संस्थापक एल मेंचो का सबसे भरोसेमंद साथी और सिक्योरिटी चीफ माना जाता था.
- सिल्वा ने नायरित को अपना गढ़ बनाया और प्रशांत तट पर फेंटानिल बनाने के लिए आने वाले केमिकल कारोबार पर कब्जा कर लिया.
- उसने सिर्फ तस्करी नहीं बल्कि मेक्सिको के कई राज्यों में जबरन वसूली, तेल चोरी और अपहरण का नेटवर्क भी फैलाया.
सिल्वा कैसे बना 'माली', रोचक है कहानी
एल मेंचो के सफाए के बाद माना जा रहा था कि 'द गार्डनर' उसकी नशे की खूनी विरासत को आगे बढ़ाएगा, लेकिन मेक्सिकन सेना ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया है. उसे El Jardinero यानी माली नाम कैसे मिला, इसकी भी रोचक कहानी है. लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ड्रग्स के धंधे से जुड़ने के शुरुआती दिनों में वह अफीम और मारिजुआना की खेती करवाता था, वहीं से उसे ये नाम मिला.
कई साल से पीछे लगा था अमेरिका
अमेरिका 2021 से फ्लोरेस सिल्वा के पीछे लगा था और उसे गिरफ्तार करके सौंपने का दबाव बना रहा था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल ही जलिस्को कार्टेल समेत पांच अन्य ड्रग्स गैंग को 'विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित किया था. अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने फ्लोरेस सिल्वा को खतरनाक विदेशी ड्रग किंगपिन के रूप में ब्लैकलिस्ट करके उसकी सभी संपत्तियों को फ्रीज कर रखा है. उसके खिलाफ कोलंबिया से अमेरिका तक कोकीन और हेरोइन की तस्करी के कई मामले दर्ज हैं.
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एल मेंचो की मौत के बाद मेक्सिको के कई शहरों में हिंसा हुई थी. Photo Credit: File Photo : IANS
एल मेंचो की मौत के बाद हुई थी हिंसा
CJNG कार्टेल को दो महीने पहले उस वक्त सबसे बड़ा झटका लगा था, जब उसके बेताज बादशाह एल मेंचो को मेक्सिको में ढेर कर दिया गया था. रुबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ एल मेंचो की मौत के बाद पूरे मेक्सिको में भीषण हिंसा हुई थी. अब इस कार्टेल के नंबर 2 माने जाने वाले सिल्वा को भी सलाखों को पीछे पहुंचा दिया गया है. सिल्वा न केवल कार्टेल का सिक्योरिटी चीफ था बल्कि कई राज्यों में ड्रग्स तैयार करने से लेकर तस्करी तक का नेटवर्क भी संभालता था.
नाले में दुबका मिला सरगना
फ्लोरेस सिल्वा की गिरफ्तारी भी बेहद नाटकीय ढंग से हुई. मेक्सिको के अधिकारियों के मुताबिक, वह नायरित राज्य में एल मिराडोर के पास सड़क के किनारे एक नाले में छिपने की कोशिश कर रहा था, उसी वक्त उसे धर दबोचा गया. इस कार्रवाई के दौरान न तो कोई मारा गया और न ही कोई घायल हुआ. इसे एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है. हालांकि सिल्वा की गिरफ्तारी के बाद नायरित में कई जगहों पर आगजनी की खबरें आ रही हैं.
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