- ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसका अमेरिका के साथ युद्ध करने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन वह समझौता भी नहीं करेगा
- ईरान के राष्ट्रपति डॉ. पेजेशकियन ने अमेरिकी जनता से संवाद और सम्मान पर आधारित संबंधों की अपील की है
- रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर माजिद मूसावी ने अमेरिकी रक्षा सचिव के धमकी भरे बयान का कड़ा जवाब दिया है
अमेरिका जहां युद्ध को लेकर भ्रम में दिख रहा है, वहीं ईरान अपने बयानों में स्पष्ट दिख रहा है. वो लगातार ये क्लियर करने की कोशिश कर रहा है कि उसका अमेरिका से युद्ध लड़ने का कोई इरादा नहीं हैं. हां, वो झुककर, गिरकर समझौता भी नहीं करने जा रहा. आज ईरान की तरफ से आए अलग-अलग बयानों में यही बात दिखी. इस बीच बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने सभी अमेरिकी नागरिकों से इराक को तुरंत छोड़ने का आग्रह किया है और अगले 24 से 48 घंटों के भीतर राजधानी में संभावित हमलों की चेतावनी दी है.
ईरान के राष्ट्रपति का बयान
ईरान सरकार की ओर से ट्वीट कर बताया गया, 'राष्ट्रपति डॉ. पेजेशकियन ने अमेरिकी जनता को संदेश देते हुए कहा, ईरान ने कभी युद्ध की पहल नहीं की और न ही अमेरिकियों के प्रति कोई शत्रुता रखता है. आपसी सम्मान और समझ पर आधारित संवाद ही आगे बढ़ने का मार्ग है, न कि टकराव.' इसके साथ ही ईरान की सरकार ने राष्ट्रपति डॉ. पेजेशकियन की कही बातों का पूरा मैसेज भी शेयर किया गया है.
कमांडर ने याद दिलाया इतिहास
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के एयरोस्पेस बल के कमांडर माजिद मूसावी ने अमेरिकी रक्षा सचिव के बयान "हम ईरान को पाषाण युग में वापस भेज देंगे" का जवाब देते हुए कहा, "आप ही अपने सैनिकों को मौत के मुंह में धकेल रहे हैं, ईरान नहीं, जिसे आप पाषाण युग में वापस भेजना चाहते हैं. हॉलीवुड फिल्मों से प्रभावित भ्रमों ने आपकी सोच को इतना धुंधला कर दिया है कि मात्र 250 वर्षों के इतिहास वाला देश होने के बावजूद आप 6,000 वर्ष से अधिक पुरानी सभ्यता ईरान को धमकाने का साहस कर रहे हैं."
ईरान जुटा रहा सहानुभूति
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक प्रमुख प्रवक्ता होसैन.करमानपुर ने लिखा, 'ईरान के पाश्चर संस्थान पर हमला, जो वैश्विक स्वास्थ्य का एक सदी पुराना स्तंभ और अंतर्राष्ट्रीय पाश्चर नेटवर्क का सदस्य है. अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा पर सीधा हमला है. यह जिनेवा सम्मेलन और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून (IHL) के सिद्धांतों का उल्लंघन है. हम @WHO @ICRC और वैश्विक स्वास्थ्य संस्थाओं से इस हमले की निंदा करने, नुकसान का आकलन करने और पुनर्निर्माण में सहयोग करने का आह्वान करते हैं.'
जाहिर है ईरान साफ-साफ बता रहा है कि वो खुद पर थोपे गए युद्ध को तभी समाप्त करेगा, जब उसे मुआवजा दिया जाएगा. साथ ही युद्ध समाप्त करने के लिए वो अपने देश के उद्देश्यों से समझौता नहीं करेगा. अब देखने वाली बात ये है कि अमेरिका और इजरायल कब तक ईरान के साथ युद्ध जारी रखते हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में घोषणा की है कि वो एक से दो सप्ताह में ईरान पर बहुत बड़ा हमला करने वाला है और इसके बाद युद्ध समाप्त हो जाएगा.
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