आधी रात को भागे Putin के डॉक्टर, रूसी राष्ट्रपति को जी मिचलाने की हुई गंभीर समस्या : रिपोर्ट

"पुतिन (Putin) का जी बहुत मिचला रहा (Nausea) था. 20 मिनट बाद राष्ट्रपति के डॉक्टरों की टीम (Doctor's team) को बुला लिया गया. यह जानकारी में आया है कि डॉक्टरों ने तीन घंटे तक पुतिन को मदद दी" - टेलीग्राम चैनल का दावा

विज्ञापन
Read Time: 19 mins
Russia Ukraine War शुरू होने के बाद से पुतिन की तबियत खराब होने की कई रिपोर्ट आ चुकी हैं (File Photo)

डॉक्टरों की दो टीम कथित तौर से रूस (Russia) के राष्ट्रपति भवन की ओर भागीं जब व्लादिमिर पुतिन (Vladimir Putin) ने शनिवार सुबह " बहुत जी मिचलाने" की शिकायत की. रूसी टेलीग्राम चैनल जनरल एसवीआर का हवाला देते हुए इंडीपेंडेंट ने रिपोर्ट किया है पुतिन को "तुरंत मेडिकल केयर" की ज़रूरत थी जिसकी वजह से उनकी पैरामेडिक टीम को और डॉक्टरों को बुलाना पड़ा. यह मेडिकल इमरजेंसी करीब 3 घंटे तक रही जिसके बाद उनकी हालत सुधरी और फिर डॉक्टर्स उनके चेंबर से बाहर निकले.   

टेलीग्राम चैनल ने कहा, "पुतिन को शुक्रवार की रात, 22 जुलाई से शनिवार 23 जुलाई तक आपात मेडिकल केयर की ज़रूरत थी." चैनल ने कहा, रात 1 बजे उनके आवास पर मेडिकल कर्मचारियों को बुलाया गया.  

टेलीग्राम चैनल के दावे के अनुसार, "पुतिन का जी बहुत मिचला रहा था. 20 मिनट बाद राष्ट्रपति के डॉक्टरों की टीम को बुला लिया गया. यह जानकारी में आया है कि डॉक्टरों ने तीन घंटे तक पुतिन को मदद दी और उसके बाद राष्ट्रपति की हालत सुधरी और डॉक्टर उनके कमरे से बाहर गए."

Advertisement

न्यूज़ीलैंड हेराल्ड के अनुसार, यह टेलीग्राम चैनल एक पूर्व रूसी विदेशी खुफिया अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल का है. वह छद्म नाम विक्टर मिखाईलोविच (Viktor Mikhailovich) का प्रयोग करते हैं. इससे पहले चैनल ने यह दावा किया था कि आने वाले समय में पुतिन को एक बॉडी डबल से बदल दिया जाएगा और उनके आने वाले इवेंट्स में डीप-फेक तकनीक का प्रयोग हो सकता है. 

Advertisement

इस बीच जब से रूस ने यूक्रेन पर फरवरी में हमला बोला, तब से ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि पुतिन को कैंसर या पार्किंसन बीमारी है. कई सार्वजनिक मौकों और आधिकारिक मीटिंग्स में कुछ महीने पहले देखा गया था कि रूसी नेता पुतिन का पैर कांप रहा है.  

Advertisement
Featured Video Of The Day
Waqf Amendment Bill: Chandrababu Naidu और Nitish Kumar को BJP कैसे लाइन पर ले आई?