- कनाडा के कैलगरी में गायक दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में खालिस्तान समर्थक प्रतिबंधित झंडा लहराते हुए नजर आए
- दिलजीत दोसांझ ने कॉन्सर्ट के दौरान खालिस्तान समर्थकों को हंगामा बंद करने और चले जाने को कहा
- खालिस्तान समर्थक पहले भी उनके संगीत कार्यक्रमों में बाधा डालने की कोशिश कर चुके हैं
गायक दिलजीत दोसांझ कनाडा के कैलगरी में एक कॉन्सर्ट में भारी भीड़ के बीच प्रस्तुति दे रहे थे. रंगीन स्पॉटलाइट से जगमगाते पारंपरिक परिधान में मंच पर घूमते हुए और उनके साथ गाते हुए भीड़ उनका उत्साह बढ़ा रही थी. तभी, भीड़ के बीच, कॉन्सर्ट में बनाए गए वीडियो में कुछ खालिस्तान समर्थक लोग उस झंडे को लहराते हुए दिखाई दिए जो भारत में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) के तहत प्रतिबंधित आतंकी समूहों का प्रतिनिधित्व करता है.
दिलजीत दोसांझ ने उन्हें देखा और रुक गए. फिर उन्होंने भीड़ की ओर इशारा किया. हाथ में माइक लिए उन्होंने झंडा दिखाने वालों से कहा कि वे हंगामा बंद करें और कहीं और चले जाएं.
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पहले भी गायक के संगीत कार्यक्रमों में खालिस्तान समर्थक झंडे लहराते हुए लोगों ने कार्यक्रम में बाधा डालने की कोशिश की है.
कनाडा के लिए भी खालिस्तानी खतरा
कल ही, कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) ने एक रिपोर्ट में अपने देश में खालिस्तानियों से उत्पन्न खतरे को स्वीकार किया. कनाडाई संसद में पेश की गई सीएसआईएस की रिपोर्ट 2025 में कहा गया है कि कनाडा में रहने वाले खालिस्तानी तत्वों की गतिविधियां हिंसक चरमपंथी एजेंडा को बढ़ावा देना जारी रखे हुए हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि कनाडा स्थित खालिस्तानी चरमपंथी (सीबीकेई) समूह कनाडाई नागरिकों से अच्छी तरह जुड़े हुए हैं और कनाडाई संस्थानों का इस्तेमाल करके अपने हिंसक चरमपंथी एजेंडे को बढ़ावा देते हैं और भोले-भाले समुदाय के सदस्यों से धन इकट्ठा करते हैं, जिसे बाद में हिंसक गतिविधियों में लगाया जाता है. हाल के वर्षों में, खालिस्तानी तत्वों के प्रति कनाडा की कथित नरमी को लेकर चिंताओं के कारण भारत-कनाडा संबंध बेहद खराब हो गए थे.
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