ट्रंप टैरिफ पर US सुप्रीम कोर्ट ने कसा नकेल तो जानिए दुनिया के अन्य देशों ने क्या कहा

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री डोमिनिक लेब्लांक ने कहा कि कनाडा में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले टैरिफ - इस्पात, एल्युमीनियम और ऑटो उद्योगों को प्रभावित करने वाले क्षेत्र-विशिष्ट उपाय - फैसले के बावजूद लागू रहेंगे

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  • US सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को गैर-कानूनी और अधिकार क्षेत्र के उल्लंघन वाला बताया है
  • ब्रिटेन ने कहा है कि वह अमेरिका के साथ मिलकर टैरिफ के प्रभाव और व्यापार समझौते की स्थिति समझ रहा है
  • ब्रिटेन को उम्मीद है कि अमेरिकी टैरिफ रद्द होने के बाद भी उसकी अमेरिका के साथ विशेष व्यापारिक स्थिति बनी रहेगी
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ट्रंप के टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कानूनी बताया तो दुनिया भर में हलचल मच गई. अमेरिकी टैरिफ झेल रहे देशों के साथ-साथ उससे बचकर निकले देशों की भी प्रतिक्रिया आने लगी है. ब्रिटेन के एक सरकारी प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ रद्द किए जाने से दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर क्या असर पड़ेगा, यह जानने के लिए ब्रिटेन अमेरिका के साथ मिलकर काम करने की योजना बना रहा है.

प्रवक्ता ने कहा, "हम प्रशासन के साथ मिलकर यह समझने की कोशिश करेंगे कि इस फैसले से ब्रिटेन और बाकी दुनिया के लिए टैरिफ पर क्या असर पड़ेगा." उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन को उम्मीद है कि अमेरिका के साथ उसकी "विशेष व्यापारिक स्थिति बनी रहेगी."

कनाडा ने टैरिफ को 'अनुचित' बताया

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के शुक्रवार के फैसले में कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ लगाने में अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया है, और इस फैसले से यह पुष्टि होती है कि ये शुल्क "अनुचित" थे. यह बात अमेरिका के साथ व्यापार के लिए जिम्मेदार कनाडा के मंत्री ने कही.

ट्रंप का टैरिफ गैर-कानूनी, US सुप्रीम कोर्ट ने दिया अमेरिकी राष्ट्रपति को बड़ा झटका

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री डोमिनिक लेब्लांक ने कहा कि कनाडा में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले टैरिफ - इस्पात, एल्युमीनियम और ऑटो उद्योगों को प्रभावित करने वाले क्षेत्र-विशिष्ट उपाय - फैसले के बावजूद लागू रहेंगे. उन्होंने वादा किया कि ओटावा, वाशिंगटन के साथ मिलकर "सीमा के दोनों ओर विकास और अवसर पैदा करने" के लिए काम करेगा.

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