अमेरिकी सैनिकों को मिल सकती है पगड़ी, हिजाब, दाढ़ी रखने की अनुमति, सेना में धार्मिक आस्‍था के लिए समान नीति की सिफारिश

एशियाई अमेरिकियों, हवाई मूल के लोगों और प्रशांत द्वीप समूह पर राष्ट्रपति के सलाहकार आयोग ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 12 मई को की गई सिफारिशों का विवरण दिया गया. 

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अमेरिकी राष्ट्रपति आयोग ने सेना के लिए समान नीति अपनाने की सिफारिश की है. (प्रतीकात्‍मक)
वाशिंगटन :

अमेरिकी राष्ट्रपति आयोग (US Presidential Commission) ने अमेरिकी सेना (US Military) की सभी शाखाओं के लिए एक समान नीति अपनाने की सिफारिश की है, जो धार्मिक आस्‍थाओं को जैसे पगड़ी पहनने, दाढ़ी रखने, हिजाब पहनने और यरमुलकेस की अनुमति देती है. एशियाई अमेरिकियों, हवाई मूल के लोगों और प्रशांत द्वीप समूह पर राष्ट्रपति के सलाहकार आयोग ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें 12 मई को की गई सिफारिशों का विवरण दिया गया. 

1981 में अमेरिकी सेना की यूनिफॉर्म गाइडलाइंस के तहत धार्मिक आस्‍था से जुड़े प्रतीकों जैसे पगड़ी, दाढ़ी, हिजाब, और यरमुलकेस पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. अमेरिकी सेना और वायु सेना ने क्रमशः 2017 और 2020 में अपनी यूनिफॉर्म नीतियों में बदलाव किया था, जिससे आस्‍था के इन प्रतीकों की अनुमति दी जा सके.  

आयोग ने कहा, "अब, अमेरिका की सेना और वायुसेना में सेवा दे रहे सैकड़ों सदस्य अपनी आस्‍था से जुड़े प्रतीकों के साथ वर्तमान में सेवा दे रहे हैं."  

आयोग ने कहा, "हालांकि अमेरिकी नौसेना और मरीन ने ने अपने सैनिकों को सीमित धार्मिक अधिकार प्रदान किए हैं, जिसके चलते उन्हें देश की सेवा करने के लिए अपनी धार्मिक परंपरा का उल्लंघन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है." 

इसके साथ ही आयोग ने कई अन्‍य सिफारिशें भी की हैं. आयोग ने सिफारिश की है कि संघीय एजेंसियों को अपनी वेबसाइटों पर एशियाई अमेरिकियों, हवाई मूल के लोगों और प्रशांत द्वीप समूहों की भाषाओं में अनुवादित प्रमुख दस्तावेज, डिजिटल सामग्री और फॉर्म उपलब्ध कराने चाहिए.

राष्ट्रपति जो बाइडेन को भेजे जाने से पहले इन सिफारिशों की समीक्षा की जा रही है. 

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