- ट्रंप ने धारा एक सौ बाईस के तहत 150 दिनों के लिए आयातित वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाने का आदेश जारी किया है
- कुछ आवश्यक वस्तुओं जैसे ऊर्जा, कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स पर टैरिफ लागू नहीं होगा
- 150 दिनों के बाद टैरिफ स्वतः समाप्त होंगे जब तक कांग्रेस द्वारा इन्हें बढ़ाने के लिए मतदान न किया जाए
Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ दर को 10 से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का आज ऐलान किया है. शुक्रवार रात को ही उन्होंने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की तरफ से उनके टैरिफ पर रोक लगाने को गैर-कानूनी बताने के बाद ग्लोबल 10 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया था. अब फिर से ग्लोबल टैरिफ को बढ़ाने का मतलब है कि ट्रंप इतनी आसानी से झुकने वाले नहीं हैं.
खुद किया टैरिफ बढ़ाने का ऐलान
ट्रंप ने कुछ देर पहले अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर ये जानकारी देते हुए लिखा, "संयुक्त राज्य अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कल जारी किए गए हास्यास्पद, खराब ढंग से लिखे गए और असाधारण रूप से अमेरिका-विरोधी टैरिफ संबंधी निर्णय की गहन, विस्तृत और संपूर्ण समीक्षा के आधार पर, कई महीनों के विचार-विमर्श के बाद, कृपया इस कथन को इस बात का प्रतिनिधित्व मानें कि मैं, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में, उन देशों पर लगाए गए 10% वैश्विक टैरिफ को तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 15% कर रहा हूं, जिनमें से कई दशकों से बिना किसी दंड के अमेरिका को लूट रहे थे (जब तक मैं सत्ता में नहीं आया!) अगले कुछ महीनों के भीतर, ट्रंप प्रशासन नए और कानूनी रूप से अनुमत टैरिफ निर्धारित और जारी करेगा, जो अमेरिका को फिर से महान बनाने की हमारी असाधारण रूप से सफल प्रक्रिया को जारी रखेगा - पहले से कहीं अधिक महान!!! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद."
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का क्या होगा
ट्रंप ने धारा 122 का उपयोग करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने 150 दिनों की अवधि के लिए अमेरिका में आयातित वस्तुओं पर पहले 10 प्रतिशत का टैरिफ लगाया और अब इसे 15 फीसदी कर दिया. 10 फीसदी ग्लोबल टैक्स लगाने पर व्हाइट हाउस की ओर से जारी फैक्टशीट के जरिए बताया गया कि ट्रंप ने 'ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122' के तहत दी गई शक्ति का प्रयोग किया है. इसके तहत राष्ट्रपति सरचार्ज और अन्य विशेष आयात प्रतिबंधों के माध्यम से कुछ 'आधारभूत अंतरराष्ट्रीय भुगतान समस्याओं' को संबोधित कर सकते हैं.
किस पर लगेगा टैक्स
फैक्टशीट के मुताबिक, अमेरिका के सामने आने वाली आधारभूत अंतरराष्ट्रीय भुगतान समस्याओं का अधिक प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए कुछ वस्तुओं पर अस्थायी आयात शुल्क लागू नहीं होगा. इनमें कुछ महत्वपूर्ण खनिज, मुद्रा और बुलियन में उपयोग होने वाली धातुएं, ऊर्जा और ऊर्जा उत्पाद, प्राकृतिक संसाधन और उर्वरक, कुछ कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स और फार्मास्यूटिकल सामग्री, कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स, यात्री वाहन और अन्य उत्पाद शामिल हैं.
धारा 301 का भी इस्तेमाल किया
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय को धारा 301 के तहत अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए कुछ अनुचित और भेदभाव करने वाले कानूनों, नीतियों और प्रथाओं की जांच करने का निर्देश दिया है, जो अमेरिकी व्यापार पर बोझ डालते हैं या उसे प्रतिबंधित करते हैं.
बयान में कहा गया, "अमेरिका को आधारभूत अंतरराष्ट्रीय भुगतान समस्याओं (व्यापार घाटे) का सामना करना पड़ रहा है. घरेलू उत्पादन में कमी के परिणामस्वरूप, अमेरिका को अपनी खपत की अधिकांश वस्तुओं का आयात करना पड़ता है, जिससे अमेरिकी डॉलर हमारी अर्थव्यवस्था से बाहर विदेशों में चले जाते हैं.”
150 दिनों के लिए धारा 122
धारा 122 के तहत लगाए गए टैरिफ 150 दिनों के बाद स्वतः समाप्त हो जाएंगे, जब तक कि कांग्रेस उन्हें बढ़ाने के लिए मतदान न करे. हालांकि समय सीमा स्पष्ट है, व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रपति इन उपायों को समाप्त होने से पहले भुगतान संतुलन आपातकाल की नई घोषणा करके इन्हें दोबारा लागू कर सकते हैं. कई रिपोर्टों के अनुसार, अन्य व्यापार कानूनों के विपरीत, धारा 122 के तहत टैरिफ लगाने से पहले औपचारिक जांच की आवश्यकता नहीं होती है, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है.
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