- ईरान ने तीन दिन पहले अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान को मार गिराया था, जिसमें दो पायलट थे, एक लापता हुआ था
- अमेरिकी सेना ने लापता पायलट के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और उसे सुरक्षित बचा लिया
- ईरानी सेना ने दावा किया कि उन्होंने दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक C-130 विमान मार गिराए
ईरान में अमेरिका को लगातार नुकसान हो रहा है. तीन दिन पहले ही उसके F-15E लड़ाकू विमान को ईरान ने मार गिराया था. इसमें दो पायलट थे, जिसमें से एक पायलट लापता हो गया था. इस पायलट को ढूंढने के लिए अमेरिकी सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. अमेरिका ने पायलट का रेस्क्यू भी कर लिया, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इतिहास का सबसे खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन बताया. हालांकि, ईरान का दावा है कि अमेरिका का ये मिशन फेल रहा, क्योंकि उसके कई विमानों को उसने मार गिराया है.
ईरानी सेना के सेंट्रल हेडक्वार्टर खतम अल-अनबिया के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने रविवार को दावा किया कि पायलट को बचाने का अमेरिकी मिशन फेल हो गया. उसके दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक C-130 सपोर्ट विमान को मार गिराया गया है. इसमें 5 लोगों के मारे जाने का दावा भी किया गया है.
ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB से जोल्फागरी ने कहा, 'पायलट को बचाने के लिए दुश्मन ने जो भी कोशिशें की थीं, वह नाकाम हो गईं. इस्फहान के दक्षिण में दुश्मन के हवाई जहाजों को मार गिराया गया है, जिसमें दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक C-130 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट शामिल थे. वे अब जल रहे हैं.'
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अमेरीक विमानों की तस्वीरें आईं सामने
अब इन विमानों की तस्वीरें भी सामने आई हैं. दक्षिणी इस्फहान में ईरानी हमलों में तबाह हुए अमेरिकी विमान धूं-धूं कर जलते दिखाई दे रहे हैं. इन तस्वीरों में जमीन पर इन विमानों और हेलीकॉप्टर का मलबा पड़ा हुआ दिख रहा है और उसमें से धुआं उठता नजर आ रहा है.
इससे पहले, ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दक्षिणी इस्फहान के एक अमेरिकी विमान को मार गिराने का दावा किया था. यह विमान पहले गिराए गए F-15E लड़ाकू विमान के पायलट के रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल था.
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पायलट को सुरक्षित बचाया गया
इसी बीच, रविवार को ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने F-15E के पायलट को सुरक्षित बचा लिया है. यह पायलट 3 अप्रैल से लापता था और ईरान के भीतर था. ट्रंप ने कहा कि 'यह बहादुर योद्धा ईरान के खतरनाक पहाड़ों में दुश्मन की सीमा के पीछे फंसा हुआ था और हमारे दुश्मन लगातार उसका पीछा कर रहे थे. दुश्मन हर घंटे उसके और करीब आते जा रहे थे लेकिन वह कभी अकेला नहीं था क्योंकि उसके कमांडर-इन-चीफ, वॉर सेक्रेटरी, जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन और उसके साथी योद्धा दिन-रात 24 घंटे में इसकी लोकेशन पर नजर रख रहे थे और उसे बचाने के लिए योजना बना रहे थे.'
ट्रंप ने दावा करते हुए कहा कि इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि दो अमेरिकी पायलटों को दुश्मन के इलाके के काफी भीतर से बचाया गया है. ट्रंप ने बताया कि उनके निर्देश पर घातक हथियारों से लैस दर्जनों विमान ईरान में घुसे थे. उन्होंने बताया कि उस पायलट को कुछ चोटें आई हैं लेकिन वह जल्दी ठीक हो जाएगा.
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