US Israel War Against Iran: मिडिल ईस्ट की जंग अभी भी जारी है
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- अमेरिका और इजरायल की जंग ईरान के खिलाफ जारी है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप यूटर्न लेते दिख रहे हैं
- ईरान ने मिसाइल हमले में इजरायल के उत्तरी हिस्से को निशाना बनाया और खुद ईरान के गैस पाइपलाइन पर भी हमला हुआ है
- इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप युद्ध के लक्ष्यों को समझौते में बदलना चाहते हैं
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हमें बताएं।US Israel War against Iran: ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की जंग एक ऐसे मोड़ पर पहुंच चुकी है जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पीछे हटने को तैयार दिख रहे हैं जबकि ईरान जंग जारी रखने के मूड में है. ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी कुछ अज्ञात ईरानी अधिकारियों के साथ अच्छी बातचीत हुई है और ईरान डील करना चाहता है. जबकि ईरान का दावा है कि ट्रंप फेक न्यूज फैला रहे हैं और तेल-गैस के मार्केट में फायदा कमाने के लिए झूठे दावा कर रहे हैं. ग्राउंड पर सच्चाई यह है कि जंग नहीं रुकी है. इजरायल पर ईरान हमला कर रहा है और खुद ईरान के गैस पाइपलाइन पर हमला हो रहा है. यहां पढ़िए अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान जंग के 10 बड़े अपडेट.
- ईरान ने मंगलवार, 24 मार्च की भोर में इजरायल पर मिसाइलें दागीं, ऐसा इजरायली सेना ने कहा. सेना ने बताया कि यह हमला देश के उत्तरी हिस्से को निशाना बनाकर किया गया था और उसकी मजबूत हवाई सुरक्षा प्रणाली “खतरे को रोकने के लिए काम कर रही है”. कुछ मिनट बाद यरुशलम के ऊपर एक जोरदार धमाका सुनाई दिया, जिसे शहर में मौजूद न्यूज एजेंसी एएफपी के रिपोर्टरों ने सुना. वहीं फार्स न्यूज एजेंसी ने अमेरिका और इजरायल पर ईरान के अंदर मध्य इस्फहान में एक ही सड़क पर एक गैस प्रशासन भवन और एक गैस दबाव कम करने वाले स्टेशन पर हमला करने का आरोप लगाया है. फार्स के अनुसार हमले से इन सुविधाओं के कुछ हिस्सों के साथ-साथ आस-पास के घरों को भी नुकसान हुआ है. फार्स ने कहा है कि "रिपोर्टें सामने आई हैं" कि पश्चिमी ईरान में खोर्रमशहर बिजली संयंत्र को आपूर्ति करने वाली गैस पाइपलाइन को भी निशाना बनाया गया है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप से बात की है और अमेरिकी राष्ट्रपति का मानना है कि ईरान में दोनों देशों को मिली सैन्य सफलता को एक ऐसे समझौते में बदला जा सकता है जो इजरायल के हितों की रक्षा करे. नेतन्याहू ने एक वीडियो मैसेज में कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि (इजरायली सेना) और अमेरिकी सेना की बड़ी उपलब्धियों का फायदा उठाकर युद्ध के लक्ष्यों को एक समझौते के जरिए हासिल किया जा सकता है- ऐसा समझौता जो हमारे महत्वपूर्ण हितों की रक्षा करेगा.”
- इससे पहले ट्रंप ने घोषणा की कि उन्होंने ईरान के बिजलीघरों (पावर प्लांट) पर हमला करने की अपनी योजना फिलहाल 5 दिनों के लिए रोक दी है. इस चौंकाने वाले फैसले का ऐलान करते हुए उन्होंने दावा किया कि युद्ध खत्म करने के लिए कुछ अज्ञात ईरानी अधिकारियों के साथ उनकी “बहुत अच्छी” बातचीत हुई है. कमाल की बात है कि इस हैरान करने वाले खुलासे को ईरान ने ही नकार दिया है और दावा किया है कि दरअसल ट्रंप तेल और गैस के बाजारों में हेरफेर करने के लिए जंग को टाल रहे हैं. ट्रंप ने 48 घंटों के अंदर ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का अल्टीमेटम दिया था, नहीं तो उसके बिजलीघरों को “पूरी तरह से नष्ट” करने की धमकी देनी थी. हालांकि समयसीमा खत्म होने के पहले ही ट्रंप ने यूटर्न ले लिया.
- सोमवार को पॉलिटिको की एक रिपोर्ट में कहा गया कि डोनाल्ड ट्रंप की सरकार चुपचाप ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ को एक संभावित पार्टनर और ईरान में भविष्य के नेता के रूप में देख रही है. यह जानकारी ट्रंप सरकार के दो अधिकारियों के हवाले से दी गई है. एक अधिकारी ने पॉलिटिको से कहा, “वह एक मजबूत विकल्प हैं. वह सबसे ऊपर के विकल्पों में से एक हैं… लेकिन हमें उन्हें परखना होगा और जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए.”
- सीरिया की सेना ने सोमवार को कहा कि उसके उत्तर-पूर्व में स्थित एक सैन्य अड्डे पर पड़ोसी देश इराक से दागी गई मिसाइल से हमला किया गया. वहीं एक इराकी अधिकारी ने कहा कि यह हमला एक स्थानीय सशस्त्र समूह ने किया था.
- इजरायल के एक हमले में लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों को निशाना बनाया गया. यह हमला उस चेतावनी के कुछ घंटों बाद हुआ, जिसमें इजरायली सेना ने इलाके के लोगों से वहां से निकल जाने को कहा था. सेना ने कहा था कि वह बेरूत में हिजबुल्लाह के ढांचे पर हमला कर रही है. एएफपीटीवी के लाइव प्रसारण में दक्षिणी उपनगरों के ऊपर धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया.
- इजरायल की “डेविड्स स्लिंग” एयर डिफेंस सिस्टम में खराबी आने की वजह से ईरान की दो बैलिस्टिक मिसाइलें देश के दक्षिणी हिस्से में गिर गईं. बीते विकेंड में हुए इस हमले में दर्जनों लोग घायल हो गए, जिसकी पुष्टि सेना ने की. यह “डेविड्स स्लिंग” सिस्टम इजरायल की बहु-स्तरीय हवाई रक्षा ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
- इजरायली सेना ने कहा कि उसने तेहरान में एक ऐसे ठिकाने पर हमला किया जो ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़ा था और जहां से बसीज अर्धसैनिक बल की बटालियनों को निर्देश दिए जाते थे. इस हमले से कुछ दिन पहले इजरायल ने घोषणा की थी कि उसने एक हमले में बसीज के खुफिया प्रमुख को “खत्म” कर दिया है. उस हमले में बल के शीर्ष कमांडर गोलामरेजा सुलेमानी भी मारे गए थे.
- ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि ईरान की मिसाइलों के हमलों का मुकाबला करने के लिए ब्रिटेन मिडिल ईस्ट में कम दूरी की हवाई रक्षा प्रणालियां (एयर डिफेंस सिस्टम) भेज रहा है. स्टारमर ने एक संसदीय समिति से कहा, “हम तेजी से बहरीन में कम दूरी की हवाई रक्षा प्रणालियां तैनात कर रहे हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन कुवैत और सऊदी अरब में भी ऐसा ही कर रहा है.
- इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस ने मिडिल ईस्ट में “जरूरी ढांचे पर हो रहे युद्ध” को रोकने की मांग की है. संगठन ने चेतावनी दी कि इससे “अपरिवर्तनीय परिणाम” हो सकते हैं, जिनमें परमाणु सुविधाओं को नुकसान पहुंचना भी शामिल है. ICRC की अध्यक्ष मिर्जाना स्पोलजारिच ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में हमने मिडिल ईस्ट में जो देखा है, वह ऐसी स्थिति तक पहुंचने का खतरा पैदा कर रहा है जहां से वापस लौटना संभव नहीं होगा.”
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