- ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल की सेनाएं ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को लगातार निशाना बना रहीं
- ईरान की करीब 60% मिसाइल प्रणाली और 64% लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर पहले ही नष्ट कर दिया गया है- ट्रंप
- "अमेरिकी सेना ने तीन दिनों में ईरान के 24 जहाज नष्ट किए हैं"- ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारी सैन्य नुकसान झेलने के बाद ईरान अब बातचीत करना चाहता है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और इजरायल की सेनाएं तेहरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को निशाना बनाकर लगातार हमले कर रही हैं. 2025 एमएलएस चैंपियन इंटर मियामी सीएफ को सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश तेजी से ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर कर रहे हैं. उनके मुताबिक, ईरान पहले ही बातचीत के लिए संपर्क करने लगा है.
ट्रंप ने कहा, “वे फोन कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि समझौता कैसे किया जाए. मैंने उनसे कहा कि अब आप थोड़ा देर से आए हैं.” उन्होंने कहा कि संयुक्त सैन्य अभियान उम्मीद से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहा है और ईरानी सेना को भारी नुकसान पहुंचा चुका है.
ट्रंप ने कहा, “अमेरिकी सेना और हमारे इजरायली सहयोगी मिलकर दुश्मन की ताकत को तय समय से पहले ही पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं.” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के मिसाइल लॉन्च सिस्टम को इस्तेमाल के कुछ ही मिनटों में नष्ट कर दिया जाता है. ट्रंप के मुताबिक, “जैसे ही वे मिसाइल छोड़ते हैं, चार मिनट के भीतर ही उस लॉन्चर को निशाना बनाकर तबाह कर दिया जाता है.”
उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान ईरान की नौसेना को भी भारी नुकसान हुआ है. ट्रंप ने दावा किया कि तीन दिनों में ईरान के 24 जहाज नष्ट कर दिए गए. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और विमानन क्षमता का बड़ा हिस्सा खत्म कर दिया है.
उन्होंने कहा, “उनके एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार खत्म हो चुके हैं. इसलिए उनके पास कोई एयर फोर्स नहीं है, उनके पास कोई एयर डिफेंस नहीं है.” ट्रंप के अनुसार, ईरान की करीब 60 प्रतिशत मिसाइल प्रणाली और 64 प्रतिशत लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर पहले ही नष्ट किया जा चुका है. मिलिट्री प्रेशर के बावजूद, ट्रंप ने कहा कि अगर देश के सिक्योरिटी सिस्टम के अंदर के लोग मौजूदा लीडरशिप से अलग हो जाते हैं तो वाशिंगटन ईरान के लिए एक अलग भविष्य के लिए तैयार है.
हथियार डाल दे ईरान की सेना- ट्रंप
उन्होंने कहा, “मैं एक बार फिर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, मिलिट्री और पुलिस के सभी सदस्यों से हथियार डालने की अपील कर रहा हूं.” ट्रंप ने विदेश में ईरानी डिप्लोमैट्स से भी देश के अंदर पॉलिटिकल बदलाव का साथ देने और पार्टी छोड़ने की अपील की. उन्होंने कहा, “हम दुनिया भर में ईरानी डिप्लोमैट्स से भी अपील करते हैं कि वे शरण मांगें और एक नया और बेहतर ईरान बनाने में हमारी मदद करें.”
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले तेज कर दिए हैं. अमेरिका का आरोप है कि ईरान आतंकवादी संगठनों का समर्थन करता है और परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा हैय इस संघर्ष को लेकर पूरे मध्य पूर्व में चिंता बढ़ गई है. खासकर इसलिए क्योंकि इस क्षेत्र से दुनिया के कई महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग गुजरते हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हो सकते हैं.
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