- अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए, मिडिल ईस्ट में युद्ध फैल गया और हजारों लोग मारे गए
- ईरान में अब तक एक हजार से अधिक लोग मारे गए, जिनमें महिलाएं, बच्चे और हजारों घायल शामिल हैं
- इजरायल में युद्ध के कारण तेरह लोगों की मौत हुई, जिनमें नागरिक और सैनिक दोनों शामिल हैं
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले शुरू किए और उसके बाद युद्ध पूरे मिडिल ईस्ट में फैल गया. हर बीतते दिन के साथ जंग और वीभत्स रूप लेता गया. जंग के 10 दिन बीत चुके हैं और 11वां दिन जारी है. ऐसे में कई देशों में कुल मिलाकर हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. इसके कई गुना अधिक लोगों के घायल होने की खबरें आई हैं. चलिए आपको देशों की सरकारों, सेनाओं, स्वास्थ्य विभागों और बचाव संगठनों द्वारा जारी किए गए आंकड़े के आधार पर बताते हैं कि अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग 10 दिन बाद कितनी जानों को निगल गई है.
ईरान
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि अब तक की जंग में 1,200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. इनमें लगभग 200 महिलाएं और 12 साल से कम उम्र के करीब 200 बच्चे शामिल हैं. इसके अलावा 10,000 से अधिक आम नागरिक घायल हुए हैं. ईरान की सरकारी संस्था शहीदों और वेटरन्स मामलों के फाउंडेशन ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में मरने वालों की संख्या 1,230 तक पहुंच गई है. ईरानी रेड क्रिसेंट ने पहले 3 मार्च को कहा था कि 787 लोग मारे गए थे. वहीं अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (HRANA) ने सोमवार को था कहा कि कम से कम 1,708 लोग मारे गए हैं. इनमें 1,205 आम नागरिक शामिल हैं. इन नागरिकों में कम से कम 194 बच्चे भी शामिल हैं. इसके अलावा 187 सैन्य कर्मी और 316 ऐसे लोग मारे गए जिनकी पहचान अभी तय नहीं हुई है.
इजरायल
इजरायल के बचावकर्मियों और सेना के अनुसार देश में जंग की वजह कुल 13 लोगों की मौत हुई है. बचावकर्मियों ने कहा कि जब से ईरान ने हमलों के जवाब में मिसाइलें दागनी शुरू कीं, तब से इजरायल में 11 लोग मारे गए और दर्जनों लोग घायल हुए. मरने वालों में से 9 लोग बेइत शेमेश शहर पर हुए हमले में मारे गए, जिनमें 4 नाबालिग भी शामिल थे. इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में लड़ाई के दौरान अपने दो सैनिकों की मौत की भी घोषणा की है.
लेबनान
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि एक हफ्ते के हमलों में 486 लोग मारे गए और 1,313 लोग घायल हुए. इससे पहले रविवार को उसने कहा था कि पहले बताए गए 394 मृतकों में 83 बच्चे और 42 महिलाएं शामिल थीं. न्यूज एजेंसी AFP इन आंकड़ों का पूरा और विस्तृत विश्लेषण नहीं कर सका है. लेबनानी सेना ने कहा कि उसके तीन सैनिक भी मारे गए हैं. वहीं हिजबुल्लाह ने अभी अपने नुकसान के बारे में जानकारी नहीं दी है.
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खाड़ी क्षेत्र
खाड़ी देशों के अधिकारियों और यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार ईरानी हमलों की शुरुआत के बाद पड़ोसी देशों में 23 लोगों की मौत हुई है. इनमें से ज्यादातर लोग सेना या सुरक्षा बलों के सदस्य थे, जिनमें 7 अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं. इसके अलावा 10 आम नागरिक भी मारे गए.
- कुवैत की सेना और स्वास्थ्य मंत्रालय ने 6 मौतों की जानकारी दी है. इनमें 2 कुवैती सैनिक, 2 सीमा सुरक्षा गार्ड और 2 आम नागरिक शामिल हैं. मरने वालों में एक 11 साल की लड़की भी है.
- संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय और दुबई के मीडिया कार्यालय ने 6 मौतों की जानकारी दी है. इनमें 4 आम नागरिक और 2 सैन्य कर्मी शामिल हैं, जिनकी मौत एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई, जो तकनीकी खराबी के कारण हुई बताई गई.
- सऊदी अरब की सिविल डिफेंस एजेंसी ने 2 नागरिकों की मौत की सूचना दी है.
- बहरैन के गृह मंत्रालय ने 2 मौतों की पुष्टि की है.
- ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने समुद्र में एक नाविक की मौत की सूचना दी है.
- कतर के गृह मंत्रालय ने 16 लोगों के घायल होने की जानकारी दी है और कहा है कि वहां कोई मौत नहीं हुई.
- CENTCOM ने पुष्टि की है कि कुवैत में 6 अमेरिकी सैनिक और सऊदी अरब में 1 अमेरिकी सैनिक मारा गया है.
इराक
ईरान में ईरान समर्थक लड़ाकों ने कहा कि उनके 16 सदस्य हवाई हमलों में मारे गए. उन्होंने इन हमलों के लिए इजरायल और अमेरिका को जिम्मेदार बताया. इराक के स्वायत्त कुर्दिस्तान में अधिकारियों ने कहा कि एरबिल हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले में एक एयरपोर्ट गार्ड मारा गया. इसके अलावा ईरान के हमलों में कम से कम दो ईरानी कुर्द लड़ाके भी मारे गए.
जॉर्डन
जॉर्डन की सेना के प्रवक्ता मुस्तफा हयारी ने कहा कि ईरानी मिसाइलों और ड्रोन के मलबे गिरने के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में 14 लोग घायल हुए हैं. जॉर्डन में किसी की मौत की खबर नहीं है.













