- अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए हैं
- खामेनेई की 14 वर्षीय नातिन ज़हरा मोहम्मदी भी इस जंग में मारी गई है. खामेनेई के कई और रिश्तेदार मारे गए हैं
- खामेनेई को मारने के लिए अमेरिका-इजरायल ने उनके अति सुरक्षित अंडरग्राउंड बंकर पर 30 बम बरसाए थे
युद्ध की आग जब सुलगती है तो वह यह नहीं देखती कि सामने कौन है. जंग न चेहरे पहचानती है और न ही रिश्तों की सीमा. युद्ध की सबसे डरावनी तस्वीर तब सामने आती है, जब बेगुनाह और मासूम उसकी भेंट चढ़ते हैं. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग में भी कुछ ऐसा ही हुआ है.
इस जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अलावा उनके परिवार के कई लोगों की भी मौत हुई है. इनमें एक है ज़हरा मोहम्मदी. महज 14 महीने की ज़हरा अयातुल्ला अली खामेनेई की ग्रैंड डॉटर (नातिन) थी. अमेरिका-इजरायल के हमले में ज़हरा के साथ उसके माता-पिता की मौत की भी खबर है.
मासूम ज़हरा अभी तो वह दुनिया के दस्तूर भी समझने लायक नहीं थी. उसे ये तक पता नहीं था कि आखिर ये जंग छिड़ी क्यों है. कहते हैं कि जंग के मैदान में लिए जाने वाले फैसलों का खामियाजा अक्सर उन लोगों को भी भुगतना पड़ता है जिनका उससे कोई लेना-देना नहीं होता. ज़हरा के मामले में ये बात बिल्कुल सटीक साबित होती है.
खामेनेई के परिवार से इस जंग में जान गंवाने वाली ज़हरा अकेली नहीं थी. खुद खामेनेई इस हमले में मारे गए हैं. उनके अति सुरक्षित अंडरग्राउंड कंपाउंड पर कम से कम 30 शक्तिशाली बम बरसाए गए थे. बंकर में छिपे होने के बावजूद खामेनेई बच नहीं पाए.
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TOI के मुताबिक, अयातुल्ला खामेनेई की दो बेटियां थीं, बुशरा खामेनेई और होदा खामेनेई. दोनों ही राजनीति और मीडिया से दूर रहती थीं. यही वजह है कि इनके बारे में मीडिया में ज्यादा कुछ सामने नहीं आया है. बुशरा का निकाह मोहम्मद मोहम्मदी गोलपायेगनी के साथ हुआ था. 14 महीने की ज़हरा मोहम्मदी इन्हीं की बेटी थी. खामेनेई की दूसरी बेटी होदा की शादी मिस्बाह अल-होदा बघेरी कानी से हुई थी.
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तेहरान सिटी काउंसिल मेंबर मयसम मुजफ्फर ने मीडिया को बताया कि हमले में खामेनेई के दामाद मिस्बाह अल होदा बघेरी कानी और उनकी पत्नी जहरा हद्दा अदेल मारे गए हैं. ईरान के सरकारी मीडिया में बताया गया है कि खामेनेई की शायद एक और बेटी हताहतों में शामिल है.













