दोस्त हो तो रूस जैसा! UN में फिर दिया ईरान का साथ, कहा- "होर्मुज नाकेबंदी का पूरा हक, अमेरिका समुद्री डाकू है"

US Iran War Updates: इस महीने की शुरुआत में भी रूस और चीन ने सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव को वीटो कर दिया था, जिसका उद्देश्य होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को एकतरफा पूरी तरह से खोलना था.

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US Iran War: सोमवार को ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अघराची से मुलाकात की थी
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  • रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है
  • रूस ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सीमित करने का अधिकार देने की वकालत की
  • रूस ने पश्चिमी देशों की तुलना समुद्री डाकुओं से करते हुए उनके एकतरफा दबाव वाले कदमों की आलोचना की
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US Iran War Updates: वर्ल्ड पॉलिटिक्स में यूं ही नहीं रूस को सबसे बड़ा यार कहा जाता, अगर वो साथ है तो आखिर तक दोस्ती निभाने के लिए जाना जाता है. रूस ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में ईरान का साथ दिया है. UN में रूस के राजदूत ने सोमवार, 27 अप्रैल को सुरक्षा परिषद की बैठक में पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड (पाखंड) अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की यातायात को सीमित करने का पूरा अधिकार है. खासबात है कि इसी दिन यानी सोमवार को ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अघराची से मुलाकात की थी, अपना फुल सपोर्ट देने की बात कही थी.

UNSC में रूस ने क्या कहा?

संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया ने कहा, “ईरान पर पूरी जिम्मेदारी डालने की कोशिश की गई, जैसे कि ईरान ने अपने पड़ोसियों पर हमला किया हो और वही जानबूझकर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोक रहा हो. युद्ध के समय, जिस तटीय देश पर हमला हो रहा हो, वह सुरक्षा के लिए अपने समुद्री क्षेत्र में आवाजाही सीमित कर सकता है.”

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में भी रूस और चीन ने सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव को वीटो कर दिया था, जिसका उद्देश्य इस होर्मुज में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना था. सोमवार को वासिली नेबेंजिया ने आगे बढ़कर पश्चिमी देशों की तुलना समुद्री डाकुओं से की. उन्होंने यूक्रेन द्वारा लंबी दूरी के हवाई और समुद्री ड्रोन से भूमध्य सागर में रूस से जुड़े तेल टैंकरों पर हमलों की भी निंदा की. साथ ही, काला सागर में रूसी व्यापारिक जहाजों पर यूक्रेन के हमलों को यूरोपीय समर्थन देने की भी आलोचना की.

उन्होंने कहा, “समुद्री डाकू अपने जहाजों पर खोपड़ी और हड्डियों वाला काला झंडा लगाते हैं, लेकिन पश्चिमी देश अपने गैरकानूनी कामों को छिपाने के लिए एकतरफा दबाव वाले कदमों का हवाला देते हैं.” उन्होंने आगे कहा, “यह सिर्फ एक बहाना है, जिसका मकसद यह छिपाना है कि यूरोपीय संघ खुलेआम समुद्र में लूटपाट कर रहा है.”

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