- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए अमेरिका के सामने तीन शर्तें रखी हैं
- राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के प्रस्ताव को संदेह की नजर से देख रही है
- अमेरिका ने कहा है कि कोई समझौता तभी होगा जब ईरान को परमाणु हथियार बनाने से पूरी तरह रोका जा सकेगा
US Iran War Updates: अमेरिका ईरान की जंग कब खत्म होगी, होर्मुज कब खुलेगा, दुनिया से तेल-गैस के संकट के बादल कब छंटेंगे... यह कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब तो सब जानना चाहते हैं लेकिन उसका जवाब किसी को नजर नहीं आ रहा. ईरान ने तेल-गैस व्यापार के लिए अहम समुद्री रास्ते होर्मुज को फिर से खोलने के लिए अमेरिका के सामने तीन शर्तें रखी हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कथित तौर पर ईरान के इस प्रस्ताव से खुश नहीं हैं. चलिए आपको बताते हैं कि ईरान की तरफ से अमेरिका के सामने क्या प्रस्ताव रखा गया था और ट्रंप इससे नाखुश क्यों हैं.
होर्मुज खोलने के लिए ईरान की तीन शर्तें
यह प्रस्ताव ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वीकेंड पर ओमान और पाकिस्तान में बातचीत करने वाले लोगों से मुलाकात के दौरान पेश किया. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, इसका मकसद चल रहे संघर्ष में फंसे गतिरोध को तोड़ना और बातचीत फिर से शुरू करना है.
ईरान के प्रस्ताव में कहा गया है कि वह होर्मुज को फिर से खोलेगा, अगर-
- अमेरिका ईरान और उसके बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी हटा दे
- मिडिल ईस्ट में युद्ध खत्म किया जाए
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को आगे के चरण के लिए टाल दिया जाए
ट्रंप को यह प्रस्ताव नापसंद क्यों?
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के इस प्रस्ताव पर शक कर रही है. यह साफ नहीं है कि ट्रंप इस प्रस्ताव से क्यों संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत बाद में करने की बात है. ट्रंप बार-बार कहते रहे हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, और युद्ध करने का एक कारण यह भी था कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोका जाए.
अब तक, व्हाइट हाउस ने ईरान के प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है. लेकिन इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि युद्ध और ईरान के यूरेनियम समृद्धि (एनरिचमेंट) प्रयासों पर चर्चा जारी रहेगी. ट्रंप पहले भी ईरान से कह चुके हैं कि वे फोन पर भी बातचीत कर सकते हैं. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने बयान में कहा, “अमेरिका मीडिया के जरिए बातचीत नहीं करेगा- हमने अपनी शर्तें साफ कर दी हैं, और राष्ट्रपति केवल ऐसा समझौता करेंगे जो अमेरिकी लोगों और दुनिया के लिए अच्छा हो.”













