ट्रंप ने पोप को बुरा-भला कहा तो ईसाई धर्मगुरु का साथ देने आया ईरान, कहा- नरक तुम्हारा इंतजार कर रहा डॉन

US Iran War and Donald Trump Politics: अमेरिकी राष्ट्रपति ने पोस्ट में यह भी लिखा कि केवल उनके राष्ट्रपति होने के कारण ही लियो पोप बने हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
US Iran War and Donald Trump: खुद को ईसा मसीह दिखा रहे डोनाल्ड ट्रंप (AI फोटो)
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोप लियो की आलोचना करते हुए उन्हें कमजोर और विदेश नीति में खराब बताया है
  • जवाब में ईरानी दूतावास ने ट्रंप के चरित्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके कारनामों और अपराधों की सूची साझा की है
  • दूतावास ने ट्रंप पर बच्चों की मौत और अन्य गंभीर अपराधों का आरोप लगाते हुए उनकी निंदा की है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप लियो XIV की खुलकर और मनभरकर आलोचना की है. इसके बाद घाना में ईरानी दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति पर निशाना साधा है. ईरानी दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति की आलोचना करते हुए ट्रंप के चरित्र पर कई आरोप लगाए. ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "पोप ने शांति के लिए प्रार्थना की. ट्रंप ने आज रात उन्हें कमजोर कहा और बोला कि मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो मेरी आलोचना करे!"

दूतावास ने ट्रंप के चरित्र को कठघरे में खड़ा करते हुए बताया कि आइए इस व्यक्ति (ट्रंप) के कारनामों से जानते हैं कि यह कौन है- वह सालों तक लगातार एपस्टीन के आइलैंड पर जाता रहा! जब उसकी पत्नी प्रेग्नेंट थी, तो उसने एक पोर्न स्टार को चुप रहने के लिए पैसे दिए और इसके लिए उसे सजा हुई. 34 गंभीर अपराध! उसकी मिसाइल मिनाब में मासूम बच्चों से भरे एक स्कूल से टकराई, जिसमें 168 की मौत हुई!"

ईरानी दूतावास ने आगे कहा, "छह महीने पहले, उसने (ट्रंप) अपने मुंह से कहा था: मैं स्वर्ग नहीं जा रहा हूं (यह एकमात्र ईमानदार वाक्य था जो उसने कभी कहा था). पोप ने तुम्हारी आत्मा के लिए एक मोमबत्ती जलाई. लेकिन स्वर्ग के दरवाजे पर 168 छोटी लड़कियां हैं जो तुमसे पहले वहां पहुंच गईं. तुम्हारी वजह से! उन्हें तुम्हारा नाम याद रहेगा. नरक तुम्हारा इंतजार कर रहा है, डॉन!"

ट्रंप ने पोप को निशाने पर लिया

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार की सुबह ट्रूथ सोशल पर लिखा, "पोप लियो अपराध के मामले में कमजोर हैं और विदेश नीति के लिए बहुत बुरे हैं. पोप मेरी सरकार के 'डर' की बात तो करते हैं, लेकिन वो उस डर के बारे में कुछ नहीं बोलते जो कोरोना के समय चर्च ने झेला था. उस वक्त चर्च में प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए पादरियों और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा था." इससे व्हाइट हाउस और वेटिकन के बीच तनाव फिर से बढ़ गया.

Advertisement

पोस्ट में, ट्रंप ने पोप पर आरोप लगाया कि वे कोविड-19 महामारी के दौरान धार्मिक सभाओं पर लगी पिछली पाबंदियों को नजरअंदाज करते हुए अपने सरकार की आलोचना पर ध्यान दे रहे हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर पोप की 'नरमी' पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, "मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिए जो सोचता हो कि ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार होना ठीक है." अमेरिकी राष्ट्रपति ने पोस्ट में यह भी लिखा कि केवल उनके राष्ट्रपति होने के कारण अमेरिका में जन्मे लियो पोप बने हैं. 

इतना ही नहीं एक अलग पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को ईसा मसीह के रूप में दर्शाते हुए एक तस्वीर पोस्ट की है. यह फोटो AI से बनी दिखती है जिसमें ट्रंप एक अस्वस्थ्य दिख रहे शख्स को चमत्कारी आशीर्वाद देते दिख रहे हैं. बैकग्राउंड में अमेरिका का झंडा है, कई अमेरिकी सैनिक फरिश्ते से दिख रहे हैं और फाइटर जेट उड़ते दिख रहे हैं.  

Advertisement

यह भी पढ़ें: ईरान जंग के बीच खुद को 'ईसा मसीह' समझ रहे ट्रंप, पोप लियो को लेकर भी कह दी आपत्तिजनक बात

Featured Video Of The Day
Noida workers protest: मजदूरों ने क्यों किया प्रदर्शन? कैमरे पर बताई आपबीती, बोले- हमारी क्या गलती
Topics mentioned in this article