- डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध को लेकर दो से तीन हफ्तों के भीतर निर्णायक कार्रवाई पूरी करने का दावा किया
- अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि अमेरिका ने ईरान में अपने मुख्य रणनीतिक उद्देश्य हासिल करने के करीब पहुंच गया है
- ट्रंप ने ईरान की नौसेना और वायु सेना को पूरी तरह नष्ट होने तथा अधिकांश शीर्ष नेताओं की मौत का दावा किया
Donald Trump Address to Nation: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान जंग पर अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए यह साफ कर दिया है वो जो चाहते थे, ईरान में वह उन्हें हासिल कर चुके हैं. अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले शुरू करने के बाद यह उनका पहला प्रमुख संबोधन था. ट्रंप के भाषण में कुछ भी नया तो नहीं था लेकिन वे पांच ऐसी बातें बोल गए जो बताती हैं कि अमेरिकी इस जंग से निकलने की तैयारी में है. चलिए आपको बताते हैं.
1- ट्रंप ने फिर दी 2-3 हफ्ते वाली समयसीमा
डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से ईरान जंग को लेकर अपनी 2-3 हफ्ते वाली समयसीमा फिर दोहराई है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने देश के नाम संबोधन में आने वाले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर लगातार हमला करने की कसम खाई और कहा कि अमेरिकी सेना युद्ध के अंत के करीब है. ट्रंप ने यहां कहा, "अगले दो से तीन हफ्तों में, हम उन्हें पाषाण युग में वापस लाने जा रहे हैं, जहां वे हैं." उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेनाएं अपने सभी युद्धक्षेत्र लक्ष्यों को "बहुत, बहुत जल्द" पूरा कर लेंगी.
2- ईरान में लक्ष्य हासिल करने के करीब अमेरिका- ट्रंप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध में अपने उद्देश्यों को "पूरा करने के करीब" है और संघर्ष में "भारी जीत" हासिल करने के लिए अमेरिकी बलों की सराहना की. फरवरी के अंत में संघर्ष शुरू होने के बाद अपने पहले प्राइम-टाइम संबोधन में ट्रंप ने कहा, "आज रात, मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि ये मुख्य रणनीतिक उद्देश्य पूरे होने वाले हैं." उन्होंने कहा, "इन पिछले चार हफ्तों में, हमारे सशस्त्र बलों ने युद्ध के मैदान पर तेज, निर्णायक, भारी जीत हासिल की है - ऐसी जीतें जो पहले बहुत कम लोगों ने देखी हैं."
3- ईरान की नौसेना खत्म, वायु सेना तबाह, अधिकतर टॉप नेता मरे- ट्रंप
ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की नौसेना खत्म हो गई है, उनकी वायु सेना खंडहर हो गई है, उनके अधिकांश नेता अब मर चुके हैं. उन्होंने कहा, "जैसा कि हम बोल रहे हैं, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की उनकी कमान और नियंत्रण को नष्ट किया जा रहा है, मिसाइलों और ड्रोन लॉन्च करने की उनकी क्षमता नाटकीय रूप से कम हो गई है, और उनके हथियारों, कारखानों और रॉकेट लॉन्चरों को टुकड़े-टुकड़े कर दिया जा रहा है."
4- जिसे होर्मुज से तेल चाहिए वो संभाले- ट्रंप
ट्रंप ने अमेरिका और वेनेजुएला के तेल उत्पादन पर भी बात करते हुए कहा कि अमेरिका को विदेश से तेल की जरूरत नहीं है. हिंट यही था कि हमें यहां के तेल की जरूरत नहीं और जंग से जब चाहें बाहर आ सकते हैं. उनका कहना है कि जिन देशों को मिडिल ईस्ट से तेल की जरूरत है, उन्हें अब होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का बीड़ा उठाना चाहिए. ट्रंप ने कहा: "उन देशों के लिए जिन्हें फ्यूल नहीं मिल सकता है, जिनमें से कई ईरान के पतन में शामिल होने से इनकार करते हैं... कुछ देरी से साहस जुटाएं, जलडमरूमध्य में जाएं और इसे ले लें. इसकी रक्षा करें." ट्रंप ने देशों को अमेरिकी तेल बेचने का भी ऑफर दिया.
5- ईरान के नए नेतृत्व को पहले से अच्छा बताना
ट्रंप ने ईरान के नए इस्लामिक नेतृत्व को पहले वालों से अच्छा बताया है और एक तरह से हिंट भी दिया है कि सीजफायर वाली बात आगे बढ़ाई जा सकती है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के नए नेता "कम कट्टरपंथी और अधिक तर्कसंगत" हैं. अमेरिकी अधिकारी युद्ध को समाप्त करने के लिए मध्यस्थों के साथ काम कर रहे हैं.
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