दुनिया क्या कहती है ट्रंप को नहीं परवाह, लेकिन इस व्यक्ति से दोस्ती की चाह

US Iran War and Donald Trump's Politics: अमेरिका और ईरान की जंग के बाद डोनाल्ड ट्रंप से नाराज होने वाले जो रोगन फिर ओवल ऑफिस पहुंचे हैं. इसे दोनों के रिश्तों के बीच नरमी के रूप में देखा जा रहा है.

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डोनाल्ड ट्रंप को दोबारा राष्ट्रपति की कुर्सी तक पहुंचाने में जो रोगन की बड़ी भूमिका
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  • डोनाल्ड ट्रंप जो रोगन के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी राजनीतिक छवि मजबूत हो सके
  • ट्रंप ने व्हाइट हाउस में जो रोगन की मौजूदगी में साइकेडेलिक दवाओं की जांच तेज करने के आदेश दिए
  • जो रोगन ने ईरान युद्ध पर ट्रंप की नीति की आलोचना की, जिससे दोनों के बीच तनाव दिखने लगा था
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US Iran War and Donald Trump's Politics: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भले पूरी दुनिया क्या कहती है, इसकी परवाह नहीं हो लेकिन एक ऐसा शख्स है जिसे वो नाराज नहीं करना चाहते, उससे दोस्ती बने रहे, इसी कोशिश में रहते हैं. हम बात कर रहे हैं अमेरिका के राइट विंग इन्फ्लुएंसर पॉडकास्ट और UFC कमेंटेटर जो रोगन की. कहा जाता है कि ट्रंप को दूबारा राष्ट्रपति की कुर्सी तक पहुंचाने में जो रोगन की भी बड़ी भूमिका थी. लेकिन ईरान जंग के बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ गया. हालांकि हाल ही में ओवल ऑफिस में जो रोगन का आना और ट्रंप से मुलाकात करना, इसे ऐसे देखा जा रहा है जैसे ईरान युद्ध के बाद पैदा हुए तनाव में कुछ नरमी आई हो. ट्रंप बहुत ज्यादा दिन तक रोगन को नाराज नहीं रखना चाहते.

बीते शनिवार को ट्रंप और उनकी सरकार के बड़े स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ, इस राइट विंग पॉडकास्टर ने भी व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति के ऑफिस यानी ओवल ऑफिस में अपनी राय दी. इसके बाद ट्रंप ने कुछ खास साइकेडेलिक दवाओं की जांच को तेज करने के आदेश पर साइन किया, जिनसे पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर और ओपिओइड लत जैसी मुश्किल बीमारियों के इलाज की उम्मीद है. यहां जो रोगन ने कहा कि उन्होंने ट्रंप को इबोगाइन के बारे में मैसेज किया था और राष्ट्रपति ने जवाब दिया, “अच्छा लगता है. क्या तुम एफडीए की मंजूरी चाहते हो? चलो करते हैं.”

ट्रंप और जो रोगन की फाइल फोटो

ट्रंप जो रोगन को खुश क्यों रखना चाहते हैं?

ट्रंप ने इस मुलाकात में कहा कि जो रोगन मुझसे थोड़ा ज्यादा उदार (लिबरल) हैं. ट्रंप का यह पूरा कदम जो रोगन को खुश करने के लिए माना जा रहा है, क्योंकि वे इबोगाइन के समर्थक हैं. इबोगाइन एक पौधे से बनती है जो पश्चिम अफ्रीका में उगता है और अमेरिका के कुछ पूर्व सैनिक इसे पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस के इलाज के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं.

बता दें कि जो रोगन 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप के सबसे बड़े समर्थकों में से एक थे. उन्होंने अपने लाखों फॉलोअर्स से कहा था कि ट्रंप एक ऐसी ताकत हैं, जिसे राजनीतिक सिस्टम संभालना नहीं जानता. लेकिन लगभग दो साल बाद, जब 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले किए, तो उनका रुख बदल गया. उन्होंने अपने पॉडकास्ट “जो रोगन एक्सपीरियंस” में कहा कि जिस ट्रंप ने बिना मतलब की जंग को खत्म करने का वादा किया था, अब वे खुद ऐसी जंग का हिस्सा हैं. इससे अमेरिकियों को लग रहा है कि उन्हें धोखा दिया गया है.

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जो रोगन ने कहा था, “तुम शहरों पर मिसाइल चला रहे हो और उन्हें उड़ा रहे हो… (गाली) हम क्या कर रहे हैं? यह अभी भी कैसे हो रहा है?”

मुश्किल में ट्रंप और जो रोगन के पास संजीवनी

व्हाइट हाउस की कोशिश है कि जो रोगन के साथ रिश्ते सुधारा जाए. यह दिखाती है कि उनकी आवाज कितनी महत्वपूर्ण है. प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, अब लगभग एक-तिहाई अमेरिकी लोग कुछ खबरें पॉडकास्ट से लेते हैं. “जो रोगन एक्सपीरियंस” अमेरिका के सबसे लोकप्रिय पॉडकास्ट में से एक है. इसके लगभग 80% ऑडियंस पुरुष हैं और करीब आधे 18 से 34 साल की उम्र के हैं.

फरवरी में रॉयटर्स के एक सर्वे के अनुसार, 18-29 साल के केवल 33% पुरुष ट्रंप के काम को मंजूरी देते हैं, जो एक साल पहले से 10% कम है. यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नवंबर में महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं. रिश्ते सुधारने की कोशिश खास तौर पर जो रोगन के लिए की जा रही है. वहीं ट्रंप के पुराने सहयोगी और ईरान युद्ध के आलोचक टकर कार्लसन को ऐसा मौका नहीं दिया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कार्लसन को “कम बुद्धि वाला व्यक्ति, जिसे कुछ भी समझ नहीं है” कहा है.

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