अमेरिका अब गंजेड़ियों को भी सेना में भर्ती करेगा, इरान जंग के बीच बदला नियम

US Iran War: 2022 में जवानों की भर्ती के अपने लक्ष्य से 25% पीछे रहने के बाद अमेरिकी सेना ने ज्यादा लोगों को सेना में लाने के लिए अपना तरीका बदला है.

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अमेरिका अब गंजेड़ियों को भी सेना में भर्ती करेगा

ईरान से लगभग एक महीने से जारी जंग के बीच अमेरिकी सेना में भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. अब वे अमेरिकी नागरिक भी अमेरिकी सेना में भर्ती हो सकेंगे जो गांजे (मारिजुआना) के साथ पहले पकड़े जा चुके हैं और उनपर ऐसे मामले दर्ज हैं. इतना ही नहीं अमेरिकी सेना ने भर्ती की अधिकतम उम्र बढ़ाकर 42 साल कर दी गई है. नई अमेरिकी सेना के नियम के अनुसार अब 42 साल तक के लोग सेना, आर्मी नेशनल गार्ड और आर्मी रिज़र्व में भर्ती हो सकते हैं. पहले भर्ती की अधिकतम उम्र 35 साल थी.

क्या कहता है नया नियम?

20 मार्च को आर्मी हेडक्वाटर की ओर से जारी लेटर के अनुसार सेना ने उन उम्मीदवारों पर लगी पाबंदी हटा दी है जिन पर मारिजुआना (गांजा) या उससे जुड़े सामान जैसे बोंग और पाइप रखने का केवल एक बार का मामला दर्ज है. पहले ऐसे मामले में भर्ती होने के लिए पेंटागन के अधिकारियों से विशेष अनुमति लेनी पड़ती थी. लेकिन अब ऐसा नहीं है. साथ ही उम्मीदवार को भर्ती होने से पहले 24 महीने इंतज़ार करना पड़ता था और ड्रग टेस्ट पास करना भी जरूरी होता था.

दूसरा बड़ा बदलाव भर्ती की अधिकतम उम्र को 35 से बढ़ाकर 42 करना है. उम्र सीमा में यह बदलाव अमेरिकी सेना को अमेरिकी सेना की अन्य शाखाओं, जैसे नेवी और एयर फोर्स, के नियमों के ज्यादा करीब लाता है.

आखिर नियम क्यों बदले गए हैं?

इनसे हाल के सालों में अमेरिकी सेना को जो भर्ती की समस्या झेलनी पड़ रही थी, उससे निपटने में भी मदद मिल सकती है. 2022 में अपने भर्ती लक्ष्य से 25% कम रहने के बाद अमेरिकी सेना ने ज्यादा लोगों को सेना में लाने के लिए अपना तरीका बदला है. इसमें जेन जी (Gen Z) के ज्यादा युवाओं को भर्ती के लिए आकर्षित करना भी शामिल है.

सेना की नीति में ये बदलाव ऐसे समय आए हैं जब अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखे हुए है. हाल के दिनों में पेंटागन ने लगभग 2,000 पैराट्रूपर्स और लगभग 4,500 मरीन सैनिकों को उस क्षेत्र में भेजा है. अमेरिकी सांसदों से ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के लिए 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग देने को कहा गया है. यह संघर्ष अभी भी जारी है और ईरान में अमेरिकी सैनिकों के उतरने की भी संभावना है.

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अगर यह फंडिंग मंजूर होती है, तो इससे पेंटागन के बजट में और बढ़ोतरी होगी, जो पहले से ही 900 अरब डॉलर से अधिक है.

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