- इजरायल और लेबनान के बीच 34 साल बाद सीधी बातचीत में 10 दिन के सीजफायर पर सहमति बन गई है
- अमेरिका से डीलकी राह में अन्य मुद्दों के अलावा ईरान का परमाणु कार्यक्रम सबसे प्रमुख मुद्दा बना हुआ है
- खबरें हैं कि ईरान परमाणु कार्यक्रम बंद तो नहीं करेगा, लेकिन तीसरे पक्ष से उसकी निगरानी को तैयार हो सकता है
मिडिल ईस्ट में जंग और तनाव से परेशान दुनिया के लिए राहत की खबर है. इजरायल और लेबनान के बीच 34 साल के बाद हुई सीधी मुलाकात में बात बन गई है. दोनों देश 10 दिन के सीजफायर पर राजी हो गए हैं. इससे उम्मीद बढ़ी है कि अमेरिका और ईरान के बीच भी अब डील हो सकती है. दोनों के बीच डील की राह में ईरान का परमाणु कार्यक्रम एक बड़ा कांटा बना हुआ है. इस कांटे का संभावित तोड़ भी निकलता दिख रहा है. AFP के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो ऐलान भी कर दिया है कि ईरान अपना यूरेनियम सौंपने को तैयार हो गया है.
दूसरे दौर की वार्ता जल्द
अमेरिका और ईरान के बीच पहले दौर की शांति वार्ता बेनतीजा रही थी. इस्लामाबाद में 22 घंटे तक चली वार्ता के दौरान दोनों के बीच कई मुद्दों पर गंभीर मतभेद सामने आए थे. अमेरिका ने 15 शर्तें रखी थीं, ईरान अपनी 10 शर्तों पर जोर दे रहा था. दोनों टस से मस होने को तैयार नहीं थे, तो बात नहीं बनी. अब दूसरे दौर की वार्ता के लिए प्रयास गंभीरता से जारी हैं.
पाकिस्तान में होगा राउंड 2
इतना साफ है कि दूसरे दौर की वार्ता में भी पाकिस्तान की भूमिका अहम रहेगी. व्हाइट हाउस ने कह दिया है कि ईरान से अगली वार्ता अगर होगी तो पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होगी. हालांकि ये भी कहा कि फिलहाल वार्ता जारी रखने पर अमेरिका ने कोई फैसला नहीं लिया है. दूसरे दौर की शांति वार्ता की तारीख भी फिलहाल तय नहीं है. संभावना है कि इस हफ्ते के आखिर में या अगले हफ्ते की शुरुआत में बातचीत हो सकती है.
ईरान को मनाने में जुटे मुनीर
अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा पाकिस्तान दोनों के बीच पुल बना हुआ है. पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर ईरान को अमेरिका की शर्तों पर मनाने के लिए तेहरान में हैं. गुरुवार को उन्होंने ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ से मुलाकात की. गालिबाफ ने ही इस्लामाबाद में वार्ता के दौरान ईरानी दल की अगुआई की थी.
किस-किससे मुनीर की हुई मुलाकात
ईरानी की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, आसिम मुनीर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के खातम अल अनबिया स्थित केंद्रीय मुख्यालय भी गए, जहां उन्होंने ईरानी कमांडर से मुलाकात की. इस दौरान पश्चिम एशिया के हालात और युद्ध रोकने पर भी चर्चा हुई. इससे पहले मुनीर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अन्य नेताओं के साथ बैठक की थी.
देखें- ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम का भंडार सौंपने पर सहमत, ट्रंप का बड़ा दावा : AFP
संभावित डील का मसौदा हो रहा तैयार
ईरानी की सरकारी प्रेस टीवी के मुताबिक, मुनीर के इस दौरे का मकसद ईरान को अमेरिका का संदेश देना और अगले राउंड की बातचीत की प्लानिंग करना है. घटनाक्रम से परिचित सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि आसिम मुनीर सभी पक्षों से बातचीत करके डील का ऐसा मसौदा तैयार करने में जुटे हैं, जो दोनों पक्षों को मंजूर हो.
ईरानी यूरेनियम पर फंसा पेंच
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की राह में अन्य मुद्दों के अलावा जो सबसे प्रमुख मुद्दा है, वो है परमाणु सामग्री. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) का अनुमान है कि ईरान के पास 440 किलो से ज्यादा उच्च स्तर पर संवर्धित (एनरिच्ड) यूरेनियम है. माना जाता है कि 60 पर्सेंट एनरिच्ड यूरेनियम को थोड़ा और एनरिच कर लिया जाए तो इससे 10-12 परमाणु हथियार तैयार हो सकते हैं.
ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सैनिक उद्देश्यों के लिए नहीं है. Photo Credit: Image : National council of resistance of Iran
क्या चाहते हैं अमेरिका और ईरान?
अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद कर दे. ईरान का कहना है कि उसे असैन्य इस्तेमाल के लिए यूरेनियम संवर्धन का अधिकार है. सूत्र बताते हैं कि पिछली इस्लामाबाद वार्ता में अमेरिका ने शर्त रखी थी कि ईरान अगले 20 साल के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम को रोक दे. ईरान 5 साल की रोक के लिए तैयार है, लेकिन 20 साल के लिए नहीं.
परमाणु कार्यक्रम पर बीच का रास्ता
इसके अलावा अलावा ईरान पर अपना एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने का भी दबाव बना रहा है. ईरान ऐसा करने को कतई राजी नहीं है. हालांकि आसिम मुनीर के ईरान दौरे पर हुई बातचीत के बाद ईरान नरम रुख अपनाने को तैयार लग रहा है. खबरें हैं कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद तो नहीं करेगा, लेकिन उसकी तीसरे पक्ष से निगरानी के लिए तैयार हो सकता है. इसमें अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अलावा 4 अन्य देश शामिल हो सकते हैं. रूस पहले ही ईरान के परमाणु ईंधन को अपने पास सुरक्षित रखने का प्रस्ताव दे चुका है.
ट्रंप से बात करने जाएंगे मुनीर
ये देखने की बात होगी कि क्या ईरान के इस रुख पर अमेरिका राजी होता है या नहीं. सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर ईरान के बाद अमेरिका जा सकते हैं. वह ईरान से हुई अपनी बातचीत के बारे में राष्ट्रपति ट्रंप को अपडेट करेंगे. अमेरिका और ईरान दोनों ने ही बीच का कोई रास्ता निकालने के संकेत दिए हैं. देखना है कि ये डील कितनी जल्दी होती है. पूरी दुनिया को उस दिन का बेसब्री से इंतजार है.













