पाकिस्तान ने बजाया 'शांति दूत' का ढोल, उधर सीजफायर के बाद भी बरस रहे बम तो अब जोड़ने पड़े हाथ

ईरान से सीजफायर के ऐलान का ट्रंप का मैसेज आया ही था कि पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ छाती फुलाकर शांति का मसीहा बनने मैदान में कूद पड़े. लेकिन कुछ घंटे भी नहीं बीते कि उन्हें मानना पड़ा कि ये सीजफायर अकेले उनके बस की बात नहीं थी.

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  • अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद भी पश्चिम एशिया में बमबारी और हमले जारी हैं
  • पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ एक के बाद एक ट्वीट में इस सीजफायर का क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहे
  • ट्रंप के चीन को क्रेडिट देने के बाद शहबाज ने सुर बदले और चीन, सऊदी अरब, तुर्किए समेत कई देशों का योगदान माना
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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 40 दिन की जंग के बाद जब सुबह सबेरे सीजफायर की खबर आई तो दुनिया ने राहत की सांस ली. ट्रंप का मैसेज आया ही था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ छाती फुलाकर शांति के मसीहा के तौर पर मैदान में कूद पड़े और युद्धविराम के लिए अपनी पीठ थपथपाने लगे. कुछ घंटे भी नहीं बीते कि शहबाज शरीफ को मानना पड़ा कि ये सीजफायर अकेले उनके बस की बात नहीं थी. उधर पाकिस्तान के पीस मेकर बनने के अरमानों पर खुद ईरान और इजरायल पलीता लगाते नजर आए. इसके बाद शहबाज शरीफ को खुद सीजफायर का सम्मान करने की अपील करनी पड़ गई.

ट्रंप ने नाम क्या लिया, पीठ थपथपाने लगे शहबाज

दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बमबारी रोकने का ऐलान करते हुए पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर का नाम लिया था. कहा था कि हमला रोकने का उनका अनुरोध हमने मान लिया था. ट्रंप का ये कहना था कि शहबाज शरीफ अपनी पीठ थपथपाने में जुट गए. वो ये भी भूल गए कि कुछ ही घंटे पहले ड्राफ्ट मैसेज को कॉपी-पेस्ट करके उनकी कैसे किरकिरी हुई थी. 

शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पर लिखा- "मुझे यह ऐलान करते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि ईरान और अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ लेबनान और अन्य सभी इलाकों में तुरंत प्रभाव से सीजफायर पर सहमत हो गए हैं." लगे हाथ उन्होंने 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका ईरान की बैठक होने का न्योता भी दे दिया. 

ट्रंप ने चीन को दे दिया सीजफायर का क्रेडिट

इस ट्वीट को कुछ वक्त ही बीता था कि ट्रंप ने खुद ही कह दिया कि उन्होंने सुना है कि ईरान को इस सीजफायर के लिए चीन ने राजी किया है. शहबाज शरीफ इसके बाद भी नहीं माने और कहा कि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से उनकी फोन पर बात हुई है और ईरान इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता में हिस्सा लेने को तैयार है. लगे हाथ ये भी बता दिया कि पेजेश्कियन ने इसके लिए पाकिस्तान की कोशिशों की तारीफ की है. 

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देखें- ट्रंप, शहबाज और जिनपिंग... ईरान सीजफायर में ये नहीं हैं असली मध्यस्थ; इस शख्स ने पर्दे के पीछे किया पूरा खेल

शहबाज ने भी माना, अकेले उनके बस की बात नहीं

अब शहबाज शरीफ का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नया मैसेज आया है. इसमें उन्होंने माना है कि इस सीजफायर में चीन, सऊदी अरब, तुर्किए, इजिप्ट और कतर की अहम भूमिका थी. शांति प्रयासों में खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देशों के योगदान को भी श्रेय दिया है. हालांकि शहबाज इस मैसेज में भी यह कहकर अपनी पीठ थपथपाने से नहीं चूके कि दुनिया ने वैश्विक शांत के इस प्रयास में पाकिस्तान के योगदान को स्वीकार किया है. 

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हमलों की आग में अब भी झुलस रहा मिडिल ईस्ट

एक तरफ शहबाज शरीफ इस सीजफायर का क्रेडिट लूटने की कोशिश में जुटे हुए हैं, दूसरी तरफ ईरान और इजरायल के बीच हमले पूरी तरह नहीं थमे हैं. 

  • सीजफायर की घोषणा को ज्यादा वक्त नहीं बीता कि इजरायल ने लेबनान में सबसे बड़ा हमला कर दिया. इजरायली सेना ने खुद बताया कि उसके 50 फाइटर जेट्स ने 10 मिनट के अंदर हिज्बुल्लाह 100 के ठिकानों पर 160 बम गिराए. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बुधवार के हमले में 100 लोगों की जान गई है. बेरूत और दूसरे इलाकों में अस्पताल भी मृतकों और घायलों से भरे हुए हैं. ईरान ने इसका बदला लेने की धमकी दे दी है. 
  • ईरान के लावान द्वीप पर स्थित एक तेल रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया, जिससे वहां आग लग गई. ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने कह दिया कि उसका हाथ भी ट्रिगर पर है,  वह किसी भी हमले का और ज्यादा ताकत से जबाव देने के लिए पूरी तरह तैयार है. 
  • लेबनान ही नहीं, यूएई में भी हमले हुए. यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सीजफायर होने के बाद से उसने ईरान से आने वालीं 17 बैलिस्टिक मिसाइलों और 35 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है.
  • कुवैत पर भी हमले की कोशिश हुई. कुवैती सेना ने कहा कि सुबह करीब 10 बजे ईरान की तरफ से ड्रोनों के झुंड ने हमला किया. हमने 28 ड्रोन मार गिराए. तेल रिफाइनरी, बिजली घरों और वॉटर प्लांटों पर कई हमलावर ड्रोन को नहीं रोका जा सका, जिससे काफी नुकसान हुआ है. 
  • सीजफायर के बाद हमलों की जद में सऊदी अरब भी आया. उसके रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने पिछले कुछ घंटों में कम से कम 9 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है. 
  • ईरान ने ये भी धमकी दे दी है कि होर्मुज स्ट्रेट में जो जहाज खड़े हैं, अगर उन्होंने बिना ईरानी नेवी की अनुमति के समंदर पार करने की कोशिश की तो उसे वहीं उड़ा दिया जाएगा. जहाजों को होर्मुज पार करने के लिए ईरान से मंजूरी लेनी होगी. 
  • अमेरिका भी पीछे नहीं है. अमेरिकी सेना जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ चेयरमैन जनरल डैन केन ने भी कह दिया है कि अगर ईरान से डील कामयाब नहीं हुई तो अमेरिकी सेना फिर से जंग में उतरने को तैयार है.

साफ है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जिस शांति का क्रेडिट ले रहे हैं, वहां अभी भी आग लगी हुई है. हकीकत ये है कि मिडिल ईस्ट की धरती पर न तो बमबारी रुकी है और न ही मिसाइलों का शोर थमा है. हालात बिगड़ते देख शहबाज शरीफ को भी सार्वजनिक अपील करनी पड़ी है. 

शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि बमबारी की ये खबरें शांति प्रक्रिया की मूल भावना को ठेस पहुंचा रही हैं. उन्होंने सभी पक्षों से संजीदगी और गंभीरता से संयम बरतने की अपील की है और कहा है कि दो हफ्तों का जो सीजफायर तय हुआ है, उसका पूरा सम्मान किया जाना चाहिए.

देखें- 'सभ्यता के खात्मे' से 'शांति के संदेश तक'... उन 10 घंटे 26 मिनट की कहानी, जिसमें हुआ अमेरिका-ईरान में सीजफायर

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