अब न जंग रुकेगी न बातचीत होगी? ईरान आगबबूला, कहा- '24 घंटे में सीजफायर की 3 शर्तों को तोड़ा गया' 

US Iran Ceasefire Deal on Brink of collapse: ईरानी संसद के अध्यक्ष ने साफ कहा है कि सीजफायर की 10 प्रमुख शर्तों में से तीन का उल्लंघन होने के बाद, न तो सीजफायर का मतलब है और न ही बातचीत का कोई मतलब है.

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US Iran Ceasefire Deal: अमेरिका और ईरान का सीजफायर टूटने की कगार पर
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  • अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर डील टूटने के कगार पर पहुंच गयी है
  • ईरान ने लेबनान में सीजफायर लागू न होने, ड्रोन घुसपैठ और यूरेनियम संवर्धन अधिकार नकारे जाने का आरोप लगाया
  • ईरानी संसद के अध्यक्ष ने कहा कि उल्लंघनों के बाद वार्ता और सीजफायर का कोई मतलब नहीं रह गया है
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US Iran Ceasefire Deal: 24 घंटे के अंदर ही अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर टूटने के कगार पर आ गया है. वहज है कि ईरान ने आरोप लगाया है कि सीजफायर डील की तीन शर्तों को तोड़ा गया है. अभी तो परमानेंट डील के लिए इस्लामाबाद में बातचीत शुरू भी नहीं हुई है और सीजफायर अधर में लटकता दिख रहा है. ईरान की शिकायत न सिर्फ इजरायल से है जिसने लेबनान पर अबतक की सबसे बड़ी बमबारी शुरू की है, ईरान ने अमेरिका पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. ईरान की तरफ से यह आरोप उसके संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर ग़ालिबफ़ ने साफ कहा है कि सीजफायर की 10 प्रमुख शर्तों में से तीन का उल्लंघन होने के बाद, न तो सीजफायर का मतलब है और न ही बातचीत का कोई मतलब है.

ईरान के अनुसार कौन सी 3 शर्ते तोड़ी गई हैं?

  1. 10-प्वाइंट प्रस्ताव की पहली शर्त का पालन नहीं किया गया, जो लेबनान में सीजफायर से जुड़ी थी. यह एक ऐसी प्रतिबद्धता थी जिसका उल्लेख पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी साफ तौर पर किया था और इसे “हर जगह तुरंत सीजफायर, जिसमें लेबनान और अन्य क्षेत्र भी शामिल हैं, और जो तुरंत प्रभाव से लागू हो” बताया था.
  2. एक घुसपैठ करने वाले ड्रोन ने ईरान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया, जिसे फार्स प्रांत के लार शहर में मार गिराया गया. यह उस शर्त का स्पष्ट उल्लंघन है जिसमें कहा गया था कि ईरान के हवाई क्षेत्र का आगे कोई उल्लंघन नहीं होगा.
  3. ईरान के यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) के अधिकार को नकारना, जबकि यह अधिकार इस ढांचे की छठी शर्त में शामिल था.

ईरानी संसद के अध्यक्ष ने साफ लिखा है, "अब जिस व्यावहारिक आधार पर बातचीत की जा सकती है, उसी को वार्ता शुरू होने से पहले ही खुले तौर पर और स्पष्ट रूप से तोड़ दिया गया है. ऐसी स्थिति में द्विपक्षीय युद्धविराम या बातचीत करना उचित नहीं है.

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