अमेरिका के फ्लोरिडा के एक व्यक्ति को एक युवा मां के बलात्कार और हत्या के मामले में मंगलवार, 17 मार्च को जहर का इंजेक्शन देकर मौत की सजा दी गई. न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी फ्लोरिडा डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शंस ने दी. दरअसल 54 साल के माइकल किंग को साल 2009 में मौत की सजा सुनाई गई थी. उस पर 2008 में 21 साल की दो बच्चों की मां डेनिस ली की हत्या का दोष सिद्ध हुआ था. डेनिस ली को नॉर्थ पोर्ट में उनके घर से अगवा किया गया था. जब उनका अपहरण हुआ था तब डेनिस ली के दो छोटे बेटे थे, जिनकी उम्र दो साल और छह महीने थी. दोनों बच्चों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था.
फ्लोरिडा डिपार्टमेंट ऑफ करेक्शंस के अनुसार माइकल किंग को स्थानीय समयानुसार शाम 6 बजकर 13 मिनट पर रेफोर्ड स्थित स्टेट जेल में जहर भरा इंजेक्शन देकर मौत की सजा दी गई. बता दें कि इस साल अब तक अमेरिका में सात लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है. इनमें चार फ्लोरिडा में, दो टेक्सास में और एक ओक्लाहोमा में दी गई.
फायरिंग स्क्वाड में कई शूटर आंखों को बंद करके मौत की सजा पाए लोगों पर गोली चलाते हैं. जबकि नाइट्रोजन हाइपोक्सिया से मौत देने के तरीके में कैदी के चेहरे पर मास्क लगाकर उसमें नाइट्रोजन गैस छोड़ी जाती है, जिससे कैदी का दम घुट जाता है.
मौत की सजा के इस तरीके, यानी नाइट्रोजन गैस के इस्तेमाल की संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने कड़ी आलोचना की है और इसे क्रूर और अमानवीय बताया है.
अमेरिका के 50 राज्यों में से 23 राज्यों में मौत की सजा को खत्म कर दिया गया है. जबकि तीन अन्य राज्य- कैलिफोर्निया, ओरेगन और पेनसिल्वेनिया- में इस पर फिलहाल रोक लगी हुई है. बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मौत की सजा के समर्थक हैं और उन्होंने सबसे घिनौने अपराधों के लिए इसके इस्तेमाल को बढ़ाने की मांग की है.
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