- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस का पहला चार्टर जारी किया है जिसमें 20 देश शामिल हैं
- ट्रंप ने वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थता के लिए कई देशों को बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है
- रूस ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के प्रस्ताव पर रणनीतिक साझेदारों से परामर्श के बाद फैसला लेने की बात कही है
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'बोर्ड ऑफ पीस' के पहले चार्टर का औपचारिक ऐलान कर दिया है. कई देश इनमें शामिल होने से सीधे तौर पर इनकार कर चुके हैं लेकिन ट्रंप का दावा है कि इस बोर्ड का हिस्सा हर कोई बनना चाहता है. बता दें कि इस बोर्ड में वैश्विक नेताओं का एक समूह है. वहीं कुछ देश अभी तक इसमें शामिल होने को लेकर फैसला नहीं कर सके हैं. इस बीच ये जानना जरूरी है कि ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में आखिर कौन-कौन से देश शामिल हैं. तो बता दें कि इसमें 20 देश शामिल हैं.
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PTI फोटो.
ट्रंप ने इसमें शामिल होने के लिए कई देशों को निमंत्रण भेजा है और संकेत दिए हैं कि यह बोर्ड जल्द ही आभासी-संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तरह वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थ भी बनेगा. अब तक जो देश ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल हुए हैं उनके नाम जानें.
ट्रंप की 'टीम 20'
- अमेरिका
- बहरीन
- मोरक्को
- अर्जेंटीना
- आर्मेनिया
- अजरबैजान
- बुल्गारिया
- हंगरी
- इंडोनेशिया
- जॉर्डन
- कजाकिस्तान
- कोसोवो
- पाकिस्तान
- पराग्वे
- कतर
- सऊदी अरब
- तुर्की
- संयुक्त अरब अमीरात
- उज्बेकिस्तान
- मंगोलिया
रूस ने अब तक 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल नहीं
ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए पुतिन को भी न्योता भेजा था. लेकिन रूस ने अब तक कोई फैसला नहीं लिया है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि गाजा संघर्षविराम योजना की निगरानी के लिए प्रस्तावित अमेरिका की अगुवाई वाले ‘बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने पर कोई भी फैसला रणनीतिक साझेदारों से परामर्श के बाद ही लिया जाएगा. पुलिस ने ये भी साफ किया कि उन्होंने हमेशा अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को मजबूत करने की कोशिश का समर्थन किया है और आगे भी करेंगे. वह यूक्रेन संकट के समाधान की तलाश में अमेरिकी प्रशासन के योगदान को भी अहमियत देते हैं.
इन देशों ने ट्रंप को सीधे मना कर दिया
वहीं फ्रांस और नॉर्वे के साथ ही स्वीडन ने भी डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था. स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने दावोस में पत्रकारों से कहा कि मौजूदा टेक्स्ट के साथ वे इस बोर्ड में शामिल नहीं होंगे. वहीं नॉर्वे ने भी स्पष्ट कर दिया था कि वह ऐसे किसी भी पहल में हिस्सा नहीं ले सकता जो संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों और बुनियाद को कमजोर करता हो.
ट्रंप कर रहे 8 युद्ध रोकने का दावा
बता दें कि ट्रंप का दावा है कि वह पिछले कुछ समय में 8 युद्ध रोक चुके हैं. उन्होंने एक बार फिर से भारत और पाकिस्तान के संघर्ष का जिक्र किया. ट्रंप ने कहा कि एक युद्ध तो बहुत जल्द होने की आशंका है. उन्होंने रूस-यूक्रेन का जिक्र करते हुए कहा कि हम इसे सबसे आसान समझ रहे थे, लेकिन ये संभवतः सबसे मुश्किल जंग साबित होने वाली है. पिछले महीने 29 हजार लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर सैनिक थे. पिछले कुछ महीनों में भी हजारों सैनिक इस जंग की भेंट चढ़ गए. ये बहुत खौफनाक है.













