खामेनेई की हत्या से भड़की भीड़ ने कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट में की तोड़फोड़, पुलिस झड़प में 9 की मौत

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर कराची में गुस्साए लोग अमेरिकी कॉन्सुलेट पर हमला कर तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • कराची में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर गुस्साए लोगों ने अमेरिकी कॉन्सुलेट पर हमला किया और तोड़फोड़ की
  • प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी कॉन्सुलेट की खिड़कियों के शीशे तोड़े और एक हिस्से में आग लगाई
  • हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले दागे और फिर लाठीचार्ज किया
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
कराची:

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर पाकिस्‍तानियों में काफी गुस्‍सा नजर आ रहा है. कराची में गुस्‍साए लोगों ने अमेरिकी कॉन्सुलेट पर हमला बोल दिया. लोगों ने अमेरिकी कॉन्सुलेट में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की है. हंगामे के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई है. इस झड़प में 9 लोगों की मौत की खबर सामने आई है. घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें लोग बेहद गुस्‍से में नजर आ रहा हैं. बता दें कि अयातुल्ला अली खामेनेई की ईरान में हुए अमेरिका और इजरायल के हमलों में मौत हो गई है.  

पाकिस्तान के डॉन अखबार ने कराची के सिविल हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के हवाले से बताया कि US काउंसलेट के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई. ज्यादातर लोगों को गोली लगी. कराची में खामेनेई की मौत पर गुस्‍साए लोगों के कुछ वीडिया भी सामने आ रहे हैं. वीडियो में सैकड़ों लोग हाथों में लाठी डंडे लिये नजर आ रहे हैं. ये अमेरिकी कॉन्सुलेट के अंदर घुसकर खिड़कियों के शीशे तोड़ते और एक हिस्‍से में आग लगाते नजर आ रहे हैं. प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. 

पाकिस्‍तान में खामेनेई की मौत पर हिंसक हुई भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का इस्‍तेमाल करना पड़ा. हिंसक भीड़ को काबू में करने के लिए पहले आंसू गैस के गोले दागे गए. इसके बाद लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ा गया. इस दौरान कई लोग घायल भी हुए हैं, जिन्‍हें नजदीकी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. गुस्‍साई भीड़ इस दौरान 'ईरान जिंदाबाद' और 'अमेरिका मुर्दाबाद', 'इजरायल मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाते नजर आए.

खामेनेई की मौत के बाद कई जगह विरोध प्रदर्शन

तेहरान पर हुए अमेरिकी-इजरायली हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्‍तान समेत कई देशों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. तीन दशक से अधिक समय से ईरान की सत्ता और राजनीति पर मजबूत पकड़ बनाए रखने वाले सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अब इतिहास बन चुके हैं. अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों में उनकी मौत की खबर ने न केवल पश्चिम एशिया की राजनीति में भूचाल ला दिया है, बल्कि उस नेता के विवादित शासन पर भी नयी बहस छेड़ दी है जिसने 36 वर्षों तक ईरान पर कठोर नियंत्रण बनाए रखा.

ये भी पढ़ें :- ईरान के खिलाफ ट्रंप की जंग के पीछे मामला केवल 'सुरक्षा' नहीं, असली खेल समझ लीजिए

खामेनेई ने तीन दशक से अधिक समय किया शासन 

ईरान के सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले नेताओं में शामिल खामेनेई ईरानी समाज में लगभग उतने ही प्रभावशाली थे जितने उनके पूर्ववर्ती अयातुल्ला रूहोल्ला खोमैनी थे, जिन्होंने 1979 में इस्लामी गणराज्य ईरान की स्थापना की थी. हालांकि, ईरानी क्रांति के जनक खोमैनी थे, फिर भी कई लोगों का मानना है कि आधुनिक ईरान में खामेनेई सबसे शक्तिशाली नेता साबित हुए. तीन दशक से अधिक समय तक सर्वोच्च नेता रहते हुए खामेनेई ने घरेलू राजनीति पर अभूतपूर्व नियंत्रण स्थापित किया और आंतरिक विरोध को सख्ती से कुचला. हाल के वर्षों में उन्होंने अपनी और अपने शासन की सत्ता बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच हुए जनआंदोलन को उनकी सरकार ने बेहद कठोरता से दबाया, जिसमें हजारों लोग मारे गए.

ये भी पढ़ें :- लंदन में आलीशान घर, दुबई में पॉश विला... अरबों की संपत्ति के मालिक हैं अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मोजतबा

Advertisement
Featured Video Of The Day
Israel Vs Iran War | Iran Attack In Dubai: Dubai एयरस्पेस बंद, 410 फ्लाइटें कैंसिल | Breaking News