UNRWA प्रमुख को गाजा में घुसने से रोका, मिस्र ने एजेंसी के प्रति जताया समर्थन

लेजारिनी ने बाद में एक्स पर लिखा कि उन्हें "इजरायल के अधिकारियों" ने प्रवेश से वंचित कर दिया. उनके इस दावे पर इजरायल की ओर से तुरंत कोई टिप्‍पणी नहीं आई है. 

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लेजारिनी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने "गाजा में भारी कीमत" चुकाई है.
काहिरा :

फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (United Nations Relief and Works Agency) के प्रमुख ने सोमवार को कहा कि इजरायल ने उन्हें युद्धग्रस्त गाजापट्टी जाने से रोक दिया है, जहां संयुक्त राष्ट्र ने अकाल की चेतावनी दी है. मिस्र के विदेश मंत्री समेह शौकरी के साथ काहिरा में आयोजित एक संयुक्‍त प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में बोलते हुए UNRWA प्रमुख फिलिप लेजारिनी ने कहा कि उनका "आज उनका राफा जाने का इरादा था, लेकिन सूचित किया गया कि मेरे प्रवेश को अस्वीकार कर दिया गया है."

लेजारिनी ने बाद में एक्स पर लिखा कि उन्हें "इजरायल के अधिकारियों" ने प्रवेश से वंचित कर दिया. उनके इस दावे पर इजरायल की ओर से तुरंत कोई टिप्‍पणी नहीं आई है. 

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी गाजा को मिलने वाली सहायता का कॉर्डिनेशन करती है. एजेंसी की मुश्किलें उस वक्‍त बढ़ीं जब इजरायल ने उसके गाजा में मौजूद 13 हजार कर्मचारियों में से करीब एक दर्जन पर 7 अक्‍टूबर को इजरायल पर हमास के हमले में शामिल होने का आरोप लगाया. 

इसके कारण अमेरिका सहित कई देशों ने फंडिंग निलंबित कर दी. हालांकि स्पेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया सहित उनमें से कुछ ने इसे फिर से शुरू किया या बढ़ा दिया. 

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इस मामले में टिप्‍पणी के लिए इजरायली अधिकारियों ने एएफपी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया. हालांकि सरकार के प्रवक्ता एवी हाइमन ने सोमवार को इजरायल की स्थिति को दोहराया और कहा कि "UNRWA हमास के लिए एक मोर्चा है". 

उधर, शौकरी ने एजेंसी के लिए काहिरा का "पूर्ण समर्थन" जताया और "निराधार आरोपों के कारण UNRWA फंडिंग को प्रतिबंधित करने की एकतरफा कार्रवाई" की आलोचना की.

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गाजा में अब तक 31 हजार से ज्‍यादा की मौत 

इजरायल के आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर एएफपी की टैली के मुताबिक, 7 अक्टूबर के हमास के हमले में करीब 1,160 लोगों की मौतें हुईं, जिनमें ज्‍यादातर नागरिक थे. वहीं गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमास-नियंत्रित गाजा में इजरायल  के जवाबी अभियान में कम से कम 31,726 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं. 

एजेंसी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मृतकों में 168 UNRWA कर्मचारी हैं. लेजारिनी ने सोमवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने "गाजा में भारी कीमत" चुकाई है. उन्होंने कहा कि गाजा पट्टी में हमारे 150 से अधिक कैंप पूरी तरह से नष्ट हो गए और हमारे कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया और जांच के दौरान उन्‍हें दुर्व्यवहार और अपमान सहना पड़ा.

संयुक्‍त राष्‍ट्र ने दी है अकाल की चेतावनी 

पांच महीने से अधिक के युद्ध और घेराबंदी में, गाजा में मानवीय स्थिति इतनी खराब हो गई है कि संयुक्त राष्ट्र ने बार-बार अकाल की चेतावनी दी है. 

उन्‍होंने कहा, "यह मानव निर्मित अकाल है." 

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने हालिया हफ्तों में कुपोषण और डिहाइड्रेशन से कम से कम 27 मौतें दर्ज की हैं, जिनमें से अधिकांश बच्चे हैं. वहीं संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को कहा कि क्षेत्र के 24 लाख लोगों में से आधे लोग "विनाशकारी भूख और भुखमरी" का सामना कर रहे हैं. 

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