- केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा आगामी अप्रैल में चार दिवसीय यात्रा पर वानुअतु और तुवालु जाएंगे
- मंत्री इस दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे
- भारत प्रशांत क्षेत्र में चीन के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए इन देशों के साथ सैन्य रणनीति पर काम कर रहा है
केंद्रीय विदेश और टेक्सटाइल राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा आगामी बुधवार से चार दिवसीय यात्रा पर रिपब्लिक ऑफ वानुअतु और तुवालु जाएंगे. विदेश मंत्रालय ने इसे प्रशांत द्वीपीय देशों से भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की दृष्टि से काफी अहम बताया. यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों, विकास, व्यापार, स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दों पर चर्चा करना है. मार्गेरिटा 22 से 25 अप्रैल तक ओशिनिया द्वीप समूह के देशों में होंगे.
वानुअतु के बाद मंत्री का अगला पड़ाव तुवालु होगा. वो यहां 24 अप्रैल को पहुंचेंगे. यहां भी वो दो दिन तक रहेंगे और प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, समेत देश के शीर्ष नेतृत्व संग द्विपक्षीय बैठक करेंगे. साथ ही भारत के 'ग्रांट इन एड' कार्यक्रम के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे.
- विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा की 22 से 25 अप्रैल तक होने वाली वानुआतु और तुवालु की यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट' (Act East) नीति और प्रशांत द्वीप देशों (PICs) के साथ गहरे जुड़ाव के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है.
- वानुआतु की वर्तमान आबादी लगभग 3,41,000 से 3,43,000 के बीच है. यह प्रशांत क्षेत्र के अधिक आबादी वाले द्वीप देशों में से एक है. तुवालु दुनिया के सबसे कम आबादी वाले देशों में से एक है, जिसकी कुल जनसंख्या मात्र 9,300 से 10,600 के आसपास है.
- चीन का मुकाबला: प्रशांत महासागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज करा रहा है. यह यात्रा दर्शाती है कि भारत इस क्षेत्र के छोटे देशों को अपने रणनीतिक विजन में महत्वपूर्ण मानता है.
- ये दौरा सिर्फ़ समझौतों और हस्ताक्षरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य के 'स्मार्ट डिफेंस' की ओर एक बड़ा कदम है. जर्मनी की साइलेंट किलर तकनीक और भारत की सैन्य क्षमता का ये मेल, अरब सागर से लेकर हिंद महासागर तक चीन की विस्तारवादी चुनौतियों का एक ठोस जवाब होगा.
एफआईपीआईसी में भारत और 14 पैसिफिक आइलैंड कंट्रीज शामिल
2014 में लॉन्च हुए एफआईपीआईसी में भारत और 14 पैसिफिक आइलैंड कंट्रीज (पीआईसी) शामिल हैं. इनके नाम कुक आइलैंड्स, फेडरेटेड स्टेट्स ऑफ माइक्रोनेशिया, फिजी, किरिबाती, नाउरू, नियू, पलाऊ, पापुआ न्यू गिनी, रिपब्लिक ऑफ मार्शल आइलैंड्स, समोआ, सोलोमन आइलैंड्स, टोंगा, तुवालु, और वानुअतु हैं.













