US Iran Ceasefire Deal: मिडिल ईस्ट में लगभग 40 दिनों की जंग के बाद अमेरिका और ईरान के बीच जंग रुक गई है. दोनों देश दो हफ्ते के सीजफायर पर राजी हो गए हैं. इन दो हफ्ते में दोनों देश इस्लामाबाद में बैठेंगे और फाइनल डील करने की कोशिश करेंगे. सीजफायर डील को देखकर यूक्रेन की भी उम्मीद जग गई है जो पिछले 4 साल से भी अधिक वक्त से रूस के साथ जंग में है. यूक्रेन ने अमेरिका और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से अपील की है कि वह यूक्रेन में भी जंग रोकने के लिए रूस पर दबाव डाले.
यूक्रेन ने कहा कि ईरान के साथ डोनाल्ड ट्रंप की सरकार का युद्धविराम समझौता अमेरिकी "निर्णायकता" की सफलता को दर्शाता है.
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री साइबिगा ने सोशल मीडिया पर लिखा, "हम राष्ट्रपति ट्रंप और ईरानी शासन के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को अनब्लॉक करने और संघर्ष विराम के समझौते के साथ-साथ पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों का स्वागत करते हैं. अमेरिकी निर्णायकता काम करती है. हमारा मानना है कि मॉस्को को गोलीबारी बंद करने और यूक्रेन के खिलाफ युद्ध समाप्त करने के लिए मजबूर करने के लिए पर्याप्त निर्णायकता का समय आ गया है." निर्णायकता (Decisiveness) का अर्थ है बिना किसी हिचकिचाहट के सही समय पर स्पष्ट और दृढ़ निर्णय लेने की क्षमता.
सीजफायर के बाद व्हाइट हाउस ने कहा-अमेरिका की जीत
व्हाइट हाउस ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान को “जीत” करार दिया है और कहा कि सैन्य उपलब्धियों ने कूटनीतिक बातचीत के लिए रास्ता बनाया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हमलों पर विराम लगाने के आदेश के बाद यह बयान जारी किया गया. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने सोशल साइट एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “यह अमेरिका के लिए एक जीत है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और हमारी शानदार सेना ने संभव बनाया.”
उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नामक इस अभियान ने तय समय से पहले ही अपने लक्ष्यों को हासिल कर लिया और उनसे आगे बढ़ गया. लेविट ने कहा, “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत से ही राष्ट्रपति ट्रंप ने अनुमान लगाया था कि यह 4-6 सप्ताह का अभियान होगा... हमारे सैनिकों की अद्भुत क्षमताओं की बदौलत हमने 38 दिनों में अपने मुख्य सैन्य उद्देश्यों को हासिल किया और उनसे आगे निकल गए.”














